Vyatipata Yoga 2026: 26 सितंबर 2026 की रात 12 बजकर 31 मिनट पर पंचांग का व्यतीपात योग शुरू होगा। यह योग सुबह 4 बजकर 15 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा कुंभ राशि में रहेंगे। चंद्रमा सुबह 5 बजकर 32 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। यानी व्यतीपात योग के पूरे प्रभाव के दौरान चंद्रमा कुंभ राशि में ही स्थित रहेंगे।
व्यतिपात योग किन राशि वालों के लिए अच्छा नहीं रहेगा (Image AI Generated and Newsroom Verified)
वैदिक पंचांग में व्यतीपात 27 नित्य योगों में 17वां योग है। परंपरागत मुहूर्त ज्योतिष में इसे अशुभ योगों में रखा गया है और इसके दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नए कारोबार की शुरुआत या दूसरे बड़े शुभ कार्यों को टालने की परंपरा है। व्यतीपात की गणना सूर्य और चंद्रमा की निरयन दीर्घांशों के योग से होती है, इसलिए इसे केवल सूर्य-चंद्रमा का सामान्य ग्रह-योग समझना सही नहीं होगा। 26 सितंबर को बनने वाली इस स्थिति में एक और ज्योतिषीय परत जुड़ रही है। सूर्य कन्या राशि में हैं, जबकि चंद्रमा व्यतीपात शुरू होने के समय कुंभ में हैं। आइए जानते हैं कि इस योग से किन राशि वालों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
कर्क राशि
कर्क राशि के लिए कुंभ आठवां भाव है। अष्टम भाव को अचानक बदलाव, मानसिक उलझन, गोपनीय विषय, साझा धन, अनिश्चित परिस्थितियों और ऐसी घटनाओं से जोड़ा जाता है जिन पर व्यक्ति का पूरा नियंत्रण नहीं होता है। व्यतीपात योग के दौरान चंद्रमा का अष्टम भाव में रहना कर्क राशि वालों को मानसिक रूप से ज्यादा संवेदनशील बना सकता है। कोई पुरानी चिंता दोबारा सामने आ सकती है या किसी ऐसे मुद्दे पर ध्यान जाना शुरू हो सकता है जिसे आप पहले टाल रहे थे।
नौकरी में अचानक कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। किसी वरिष्ठ व्यक्ति के व्यवहार या ऑफिस की स्थिति को लेकर भी मन में असमंजस पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पूरे मामले को समझना ज्यादा जरूरी रहेगा। धन के मामले में भी सावधानी रखें। साझा पैसा, कर्ज, इंश्योरेंस, टैक्स, निवेश या किसी दूसरी वित्तीय प्रतिबद्धता से जुड़ा फैसला बिना पूरी जानकारी के न लें। कर्क राशि वालों के लिए 26 सितंबर की रात शुरू होने वाला यह समय डरने का नहीं, बल्कि जल्दबाजी से बचने का है। इस दौरान बड़ा आर्थिक जोखिम लेने से बचें। किसी विवाद में तुरंत पक्ष न लें। जरूरी कागजात दोबारा जांचें और मन में चल रही आशंकाओं के आधार पर फैसला लेने के बजाय तथ्य देखें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए कुंभ चौथा भाव है। चौथा भाव घर, परिवार, माता, वाहन, प्रॉपर्टी और मानसिक शांति का प्रतिनिधित्व करता है। व्यतीपात के दौरान यहां चंद्रमा आने से घर-परिवार की कोई बात मन पर हावी हो सकती है। छोटी बात भी जरूरत से ज्यादा गंभीर महसूस हो सकती है। परिवार में किसी सदस्य की चिंता या घर से जुड़ा कोई काम अचानक प्राथमिकता बन सकता है। प्रॉपर्टी और वाहन से जुड़े फैसलों में भी धैर्य रखना ठीक रहेगा। अगर कोई खरीदारी या कागजी प्रक्रिया पहले से चल रही है तो दस्तावेज ध्यान से जांचें। सिर्फ भावनात्मक पसंद के आधार पर कोई बड़ा निर्णय न लें।
नौकरी करने वाले लोगों के लिए घर और ऑफिस के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऑफिस का दबाव घर तक पहुंचने से मानसिक थकान बढ़ सकती है। वृश्चिक राशि के लिए इस योग का सबसे संवेदनशील पक्ष मानसिक शांति और घरेलू वातावरण रहेगा। परिवार की किसी बात को तुरंत विवाद में न बदलें। प्रॉपर्टी और वाहन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें। किसी करीबी की बात को गलत अर्थ देने से भी बचें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि इस दौरान थोड़ी अलग स्थिति में रहेगी। व्यतीपात के समय चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं, इसलिए मन और भावनाएं सीधे सक्रिय रहेंगी। अपनी राशि का चंद्रमा होने के कारण आत्ममंथन और फैसलों की इच्छा बढ़ सकती है, लेकिन दूसरी ओर सूर्य कन्या राशि में हैं, जो कुंभ से आठवां भाव बनाती है। इस वजह से साझा धन, अचानक बदलाव, स्वास्थ्य और गोपनीय विषयों पर ध्यान जा सकता है।
इसे पूर्ण रूप से अशुभ स्थिति नहीं कहा जाएगा, लेकिन बड़े फैसलों में सावधानी रखना बेहतर रहेगा। खासकर ऐसी चीज जिसमें पैसा, कर्ज, निवेश या दूसरे व्यक्ति की जिम्मेदारी जुड़ी हो, उसमें जल्दबाजी न करें।
मीन राशि
मीन राशि के लिए कुंभ बारहवां भाव है। बारहवां भाव खर्च, विदेश, यात्रा, एकांत, नींद और ऐसे मामलों से जुड़ा है जिनमें धन या ऊर्जा बाहर जाती है। व्यतीपात के दौरान चंद्रमा का बारहवें भाव में रहना अचानक खर्च या मानसिक बेचैनी बढ़ा सकता है। किसी यात्रा, घर, स्वास्थ्य या जरूरी काम पर अपेक्षा से अधिक पैसा खर्च हो सकता है।
नींद का पैटर्न भी प्रभावित हो सकता है। भविष्य को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। कोई पुरानी बात बार-बार दिमाग में घूम सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को ऐसा महसूस हो सकता है कि मेहनत ज्यादा हो रही है, लेकिन उसका परिणाम तुरंत दिखाई नहीं दे रहा। इस स्थिति में निराश होने के बजाय काम को प्राथमिकता के हिसाब से पूरा करना बेहतर रहेगा। विदेश जाने या विदेश से जुड़े काम करने वाले लोगों को डॉक्यूमेंट्स, टिकट और पेमेंट जैसी चीजें दोबारा जांचनी चाहिए। मीन राशि के लिए सबसे जरूरी बात अनावश्यक खर्च और अनावश्यक चिंता दोनों को नियंत्रित करना है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
