Vish Yog 2026 : वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा और शनि की युति को विषयोग कहा जाता है। 9 जून 2026 की सुबह 3 बजकर 36 मिनट पर चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जहां पहले से शनि विराजमान हैं। चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन के कारक हैं, जबकि शनि कर्म, संघर्ष, देरी और परीक्षा के ग्रह माने जाते हैं। इन दोनों ग्रहों की युति कई बार व्यक्ति को मानसिक रूप से बेचैन, भावुक और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति में डाल सकती है। यह योग सभी राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि यह योग किन राशि वालों के लिए अच्छा नहीं रहेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं। ऐसे में चंद्रमा पर शनि का प्रभाव सीधे आपके मन और सोच पर पड़ सकता है। इस दौरान छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। कुछ लोगों को भविष्य की फिक्र या कामकाज से जुड़ा तनाव परेशान कर सकता है। परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाना भी चुनौतीपूर्ण लग सकता है। इसके साथ ही दुर्घटना के योग बन रहे हैं, इस कारण थोड़ा संभलकर वाहन चलाएं।
उपाय: शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल अर्पित करें और 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे चंद्रमा मजबूत होगा और मानसिक शांति मिलेगी।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए यह विषयोग पार्टनरशिप और रिलेशनशिप के क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। जीवनसाथी, प्रेम संबंध या बिजनेस पार्टनर के साथ गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। किसी बात को लेकर मन में संदेह या असंतोष बढ़ सकता है। बातचीत में संयम रखना जरूरी रहेगा। इसके साथ ही वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतनी होंगी।
उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें। इससे संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और विवादों से बचाव होगा।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए यह योग घर-परिवार और मानसिक सुख से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। माता की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है या घर में किसी बात को लेकर तनाव का माहौल बन सकता है। प्रॉपर्टी या घरेलू मामलों में भी कुछ देरी या रुकावट महसूस हो सकती है।
उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करें। इससे शनि के अशुभ प्रभाव कम होंगे।
मीन राशि
चंद्रमा और शनि की युति मीन राशि में ही बन रही है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा प्रभाव मीन राशि वालों पर पड़ सकता है। आत्मविश्वास में कमी, मानसिक थकान, अकेलेपन की भावना या निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति बन सकती है। कुछ लोग बिना वजह उदासी या भावनात्मक दबाव महसूस कर सकते हैं। इस दौरान उठते-बैठते या रोड पर चलते समय सावधानी बरतें। दुर्घटना की आशंका भी है।
उपाय: भगवान भैरव और भगवान शिव की पूजा करें। 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें तथा जरूरतमंद लोगों को सफेद वस्तुओं का दान करें। इससे मानसिक संतुलन और आत्मबल बढ़ेगा।
कितने दिन रहेगा प्रभाव
चंद्रमा लगभग ढाई दिन तक एक राशि में रहते हैं। इसलिए यह विषयोग मुख्य रूप से 9 जून से 11 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचना, धैर्य बनाए रखना और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ना लाभकारी साबित हो सकता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
