Vinayak Chaturthi Katha In Hindi: विनायक चतुर्थी की संपूर्ण व्रत कथा हिंदी में यहां देखें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jan 14, 2024, 01:44 PM IST

Vinayak Chaturthi Vrat Katha In Hindi: विनायक चतुर्थी को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi), वरद चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi 2023) के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत को भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। जानिए विनायक चतुर्थी की व्रत कथा।

Vinayak (Sankashti) Chaturthi Katha In Hindi: भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए विनायक चतुर्थी के व्रत की काफी महिमा बताई जाती है। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से ये व्रत रखता है उसकी सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। इस व्रत को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) और संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi 2023) के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार गणेश चतुर्थी व्रत (Ganesh Chaturthi Vrat) महीने में दो बार पड़ता है। इसे कई जगह वरद चतुर्थी (Varad Chaturthi 2023) भी कहा जाता है। इस व्रत में दोपहर के समय गणपति बप्पा (Ganpati Bappa) की पूजा की जाती है। व्रत पूजा के दौरान विनायक चतुर्थी की कथा अवश्य पढ़ें। यहां देखें पूरी कथा।

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Vinayak Chaturthi Vrat Katha: विनायक चतुर्थी व्रत कथा

विनायक चतुर्थी व्रत कथा (Vinayak Chaturthi Vrat Katha In Hindi)

विनायक चतुर्थी व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान शिव और माता पार्वती नर्मदा नदी के किनारे बैठे थे। माता पार्वती ने शिव जी से चौपड़ खेलने के लिए कहा। इस खेल में हार-जीत का फैसला करने के लिए भगवान शिव ने कुछ तिनके एकत्रित कर उसका एक पुतला बनाकर उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर दी। भगवान शिव ने उस पुतले से कहा कि 'बेटा, हम चौपड़ खेलना चाहते हैं, इसीलिए तुम बताना कि हम दोनों में से कौन हारा और कौन जीता?'

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