3 जून की संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा, अधिकमास की विभुवन संकष्टी चतुर्थी की पूजा से पहले पढ़ें गणेश जी की कहानी

विभुवन संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित दुर्लभ-विशेष व्रत है, जो केवल अधिकमास में पड़ने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह व्रत भक्तों के जीवन से बाधाएं दूर कर सुख की कामना से रखा जाता है।

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभ कार्यों के प्रथम देवता के रूप में पूजा जाता है। वर्ष भर आने वाली संकष्टी चतुर्थी का अपना महत्व होता है, लेकिन विभुवन संकष्टी चतुर्थी का स्थान विशेष माना गया है। यह व्रत हर तीन वर्ष में आने वाले अधिकमास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाता है, इसलिए इसकी दुर्लभता इसे और अधिक खास बना देती है।

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