Vat Savitri Vrat 2023 Par Kya Khayein Aur Kya Nahin: हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वट सावित्री का व्रत हर साल जेष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर रखी जाती है। सुहागिनों का यह खास व्रत इस बार 19 मई को है। इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और दाम्पत्य जीवन में खुशहाली के लिए वट सावित्री का व्रत रखती हैं। इस दिन व्रत रख महिलाएं बरगद के पेड़ की विधिवत पूजा करती हैं। शास्त्रों के अनुसार, माना जाता है कि वट वृक्ष की पूजा करने से लंबी आयु, अखंड सौभाग्यवती और सुख-संपदा का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन कुछ महिलाओं को इस व्रत के नियम को लेकर थोड़ा कंफ्यूजन रहता है। आइए आपकी संशय दूर करते हैं और जानते हैं वट सावित्री व्रत के दिन निर्जला उपवास रखना है या पूजा के बाद भोजन ले सकते हैं, इसकी पूरी डिटेल्स।
Vat Savitri Vrat 2023: वट सावित्री पूजा के बाद क्या खाएं और क्या नहीं?
फलाहार पर रख सकती हैं वट सावित्री व्रत
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, वट सावित्री के व्रत में आप पूजा करने के बाद फलाहार कर सकते हैं। हालांकि कुछ लोग उपवास भी रखते हैं। सबकी अपनी अलग-अलग मान्यता है। वट सावित्री पूजा के दिन तरबूज, खरबूजा और भी अन्य फल आप पूजा के बाद खा सकते हैं।
पूजा के बाद खा सकते हैं आम का मुरब्बा
वट सावित्री व्रत की पूजा कर लेने के बाद आप आम के मुरब्बे का सेवन भी कर सकते हैं। आम के मुरब्बे में आम और चीनी या गुड का इस्तेमाल होता है। जिसे आप फलाहार के रूप में खा सकते हैं।
पूजा के बाद ले सकते हैं अन्न भी
शास्त्रों के अनुसार, वट सावित्री व्रत के दिन पूजा करने के बाद आप अनाज का सेवन भी कर सकते हैं। इस दिन पूजा में चढ़ाई चीजें जैसे चना, पूड़ी, पुआ आदि चीजों का सेवन कर सकती हैं।
इन चीजों से करें परहेज
वट सावित्री व्रत के दिन घर पर खाने में प्याज और लहसुन का तड़का नहीं लगाना चाहिए। कोशिश करें कि इस दिन साधारण और सात्विक भोजन का ही सेवन करें। इस व्रत में तामसिक भोजन जैसे मिट-मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज आदि को बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।
