Vastu Shastra for Horses Painting Benefits: वास्तु का हमारे जीवन पर अहम प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र में बताए गए नियम, सिद्धांत, दिशा और रख-रखाव से घर पर सकारात्मकता का वास होता है और कई परेशानियों से मुक्ति मिलती है। आपने देखा होगा कि कई बार खूब मेहनत करने के बाद भी उसका लाभ नहीं मिल पाता है और जीवन में तंगहाली बनी रहती है। इसका कारण घर, दफ्तर और कार्यक्षेत्र में मौजूद वास्तु दोष के कारण हो सकता है। वास्तु दोष तरक्की, उन्नति और सुख में बाधा उत्पन्न करते हैं।
जोड़े में लगाएं सफेद घोड़े की तस्वीर, मिलेंगे चमत्कारिक लाभ
इसके लिए वास्तु में सफेद घोड़े तस्वीर या पेटिंग को लाभकारी माना गया है। इसे वास्तु के अनुसार उचित दिशा और नियम में लगाने से लाभ होता है। जानते हैं सफेद घोड़े की तस्वीर या पेंटिग के लाभ-
- यदि आप अपने घर के लिविंग रूम या हॉल में सफेद घोड़े की दौड़ते हुई पेटिंग या तस्वीर लगाते हैं तो इससे जीवन में उन्नति आती है।
- दफ्तर, ऑफिस या कार्यक्षेत्र में हमेशा दक्षिण दिशा में ही सफेद घोड़े की ही तस्वीर लगाएं।
- मान्यता है कि, जिस घर पर सफेद घोड़े की तस्वीर लगी होती है वहां मां लक्ष्मी का आगमन होता है।
- सफेद घोड़े की पेंटिग घर पर लगाने से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
सात घोड़े की तस्वीर या पेंटिग के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा। लेकिन जोड़े में घोड़े की तस्वीर लगाने के भी कई लाभ हैं, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। वास्तु शास्त्र के अनुसार कर्ज आदि से मुक्ति के लिए पश्चिम दिशा में आर्टिफिशियल घोड़े का जोड़ा या तस्वीर लगाएं। इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
यदि आप अपने बैंक लोन, ओवर ड्राफ्ट आदि जैसी सुविधाओं से लाभ या सहायता प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए उत्तर-पश्चिम महावास्तु क्षेत्र की जमीन या फिर इस क्षेत्र में रखी गई अलमारी या तिजोरी में सफेद घोड़े का एक जोड़ा जरूर रखें। इससे चमत्कारिक लाभ मिलेंगे।
घोड़े गति का प्रतीक हैं और सफेद रंग गुणवत्ता का। इसलिए यदि आप इस क्षेत्र में सफेद घोड़े का जोड़ा रखेंगे तो इससे आपकी और आपकी कंपनी की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करते हुए बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों तक आपकी पहुंच सुगम बनेगी। लेकिन सफेद घोड़े का जोडा रखते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि घोड़े दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर मुख किए हों, तभी इसका लाभ मिलेगा।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
