Vastu Shastra for Plants: लोग अपने घरों के डेकोरेशन के लिए कई तरह के पेड़-पौधे लगाना पसंद करते हैं। इन्हें लगाने से न केवल घर में हरियाली और खूबसूरती आती है बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी बढ़ता है। वास्तु शास्त्र में घर में लगाए जाने वाले पौधों और उनकी दिशाओं के बारे में विस्तार से बताया है। इस शास्त्र में कहा गया है कि कई सारे पौधे शुभ प्रवृति के होते हैं, लेकिन लोग अनजाने में उन्हें घर की दक्षिण दिशा में लगा लेते हैं। इस दिशा के चलते उन्हें उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाता और कई बार तो विपरित प्रभाव भी झेलना पड़ जाता है। आज हम आपको ऐसे ही 4 पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको दक्षिण दिशा में लगाने से बचना चाहिए वरना वह आपके दुर्भाग्य का कारण बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि वो पौधे कौन से हैं।
दक्षिण दिशा में न लगाएं ये पौधे-
1. मनी प्लांट
वास्तु शास्त्र के अनुसार मनी प्लांट का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है। कहते हैं कि घर की पूरब या उत्तर दिशा में इस पौधे को लगाने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। लेकिन गलती से भी इसे दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने आपके नुकसान का सबब बन सकता है।
2. तुलसी का पौधा
सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है। इस पौधे को पूर्व या उत्तर दिशा में लगाना श्रेयस्कर माना गया है। दक्षिण दिशा में इस पौधे को लगाने से मां लक्ष्मी का क्रोध झेलना पड़ता है और घर में कंगाली पसर जाती है।
3. केले का पेड़
धार्मिक विद्वानों के अनुसार केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। घर की पूरब या उत्तर दिशा में इस पेड़ को लगाने से परिवार में बरक्कत आती है। जबकि दक्षिण दिशा में केवल दुर्भाग्य आता है। इसकी वजह ये है कि दक्षिण यमराज की मानी जाती है।
4. शमी का पौधा
वास्तु शास्त्र में शमी के पौधे का संबंध शनिदेव से माना गया है। कहते हैं कि घर में यह पौधा लगाने से परिवार पर शनिदेव की कृपा बरसती है। इसे लगाने की सर्वोत्तम दिशा पूर्व या ईशान कोण मानी गई है। दक्षिण दिशा में शमी का पौधा लगाने से लाभ के बजाय नुकसान होने लगता है।
