Varaha Jayanti Vrat Katha: जब पृथ्वी को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने लिया वराह अवतार, पढ़ें पूरी कथा

Varaha Jayanti Vrat Katha: वराह जयंती पर भगवान विष्णु के उस अद्भुत अवतार को याद किया जाता है, जब उन्होंने राक्षस हिरण्याक्ष से पृथ्वी को बचाकर सृष्टि का संतुलन बनाए रखा था।

Varaha Jayanti Vrat Katha: हर साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को वराह जयंती मनाई जाती है। यह दिन भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित है। इस साल वराह जयंती 13 सितंबर 2026, रविवार को मनाई जा रही है। इस मौके पर भक्त व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु के वराह स्वरूप की विधि-विधान से पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा-पाठ और तप करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परेशानियों से राहत मिलती है।

Varaha Jayanti Vrat Katha

वराह जयंती कथा (फोटो: Pinterest)

वराह जयंती के व्रत में भगवान विष्णु के वराह अवतार से जुड़ी कथा सुनना और पढ़ना भी खास माना जाता है। मान्यता है कि पूजा के दौरान इस कथा का पाठ करने से व्रत का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। आखिर भगवान विष्णु ने वराह रूप क्यों धारण किया था और उन्होंने पृथ्वी को किस तरह संकट से बचाया? आइए जानते हैं वराह जयंती व्रत की पूरी पौराणिक कथा।

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