Unlucky Zodiac sign: 30 अक्टूबर 2025 को गोपाष्टमी के साथ कार्तिक शुक्ल अष्टमी तिथि सुबह 10:06 तक रहेगी, फिर नवमी शुरू हो जाएगी। श्रवण नक्षत्र शाम 6:33 तक रहेगा, उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र लगेगा। शूल योग सुबह 7:21 तक रहेगा, फिर गण्ड योग शुरू होगा। करण बव सुबह 10:06 तक, बालव रात 10:10 तक और फिर कौलव रहेगा। चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे। राहु कुंभ, शनि मीन, गुरु कर्क, केतु सिंह, बुध-मंगल वृश्चिक, सूर्य तुला और शुक्र कन्या में स्थित रहेंगे। इस गोचर से कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नीचे उन राशियों का विश्लेषण दिया गया है जिनके लिए दिन सावधानी बरतने वाला रहेगा।
आज संभलकर रहें ये राशियां
मेष राशि
चंद्रमा मकर में आपके दशम भाव में रहेंगे जो करियर और पिता से जुड़े मामलों में तनाव दे सकता है। सूर्य तुला में सप्तम भाव में नीच स्थिति में होने से साझेदारी या वैवाहिक जीवन में गलतफहमी हो सकती है। बुध-मंगल वृश्चिक में अष्टम भाव में हैं जो अचानक खर्च या स्वास्थ्य समस्या ला सकते हैं। शूल और गण्ड योग मिलकर कार्यों में रुकावट पैदा करेंगे। इससे नौकरी या व्यापार में बाधा, वरिष्ठों से विवाद या मानसिक चिंता बनी रह सकती है।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और लाल चंदन का तिलक लगाएं।
कर्क राशि
चंद्रमा मकर में आपके सप्तम भाव में गोचर करेगा जिससे जीवनसाथी या पार्टनर से मतभेद हो सकते हैं। गुरु आपकी राशि में होने से कुछ राहत मिलेगी लेकिन केतु सिंह में द्वितीय भाव में धन हानि या वाणी में कटुता दे सकता है। सूर्य तुला में चतुर्थ भाव में मां या घरेलू सुख में कमी ला सकता है। गण्ड योग भावनात्मक अस्थिरता बढ़ाएगा। इससे रिश्तों में तनाव, घर में क्लेश या वित्तीय निर्णयों में गलती की आशंका रहेगी।
उपाय: मां दुर्गा को लाल फूल चढ़ाएं और ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ मंत्र 21 बार जपें।
तुला राशि
सूर्य आपकी राशि में नीच अवस्था में रहेगा जो आत्मविश्वास और स्वास्थ्य को कमजोर करेगा। चंद्रमा मकर में चतुर्थ भाव में मां या वाहन से जुड़ी चिंता दे सकता है। शुक्र कन्या में द्वादश भाव में कमजोर स्थिति में होने से प्रेम या विलासिता में बाधा आएगी। राहु कुंभ में पंचम भाव में संतान या रचनात्मक कार्यों में अनिश्चितता पैदा करेगा। शूल योग यात्रा में सावधानी बरतने को कहता है। इससे निर्णय भ्रम, पारिवारिक तनाव या खर्च बढ़ने की स्थिति बनेगी।
उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें और ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र 11 बार जपें।
धनु राशि
चंद्रमा मकर में आपके द्वितीय भाव में रहेगा जो वाणी और धन से जुड़ी समस्याएं ला सकता है। बुध-मंगल वृश्चिक में द्वादश भाव में अनावश्यक खर्च या गुप्त शत्रु बढ़ा सकते हैं। शनि मीन में चतुर्थ भाव में घरेलू सुख में कमी या मां के स्वास्थ्य की चिंता देगा। गण्ड योग मानसिक तनाव बढ़ाएगा। इससे वाणी से विवाद, आर्थिक नुकसान या परिवार में अशांति की संभावना रहेगी।
उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और पीले वस्त्र दान करें।
मीन राशि
शनि आपकी राशि में रहेगा जो दीर्घकालिक दबाव देता है। चंद्रमा मकर में एकादश भाव में आय में उतार-चढ़ाव ला सकता है। राहु कुंभ में द्वादश भाव में मानसिक तनाव या अनावश्यक खर्च बढ़ाएगा। केतु सिंह में षष्ठ भाव में स्वास्थ्य या शत्रु पक्ष से परेशानी दे सकता है। शूल योग कार्यों में देरी करेगा। इससे करियर में रुकावट, स्वास्थ्य समस्या या आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: शनिदेव को तिल का दीपक जलाएं और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र 21 बार जपें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
