Ujjain Simhastha Kumbh 2028: महाकाल की नगरी उज्जैन में 3 साल बाद यानी 2028 में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होने वाला है। उज्जैन के शिप्रा नदी के घाट पर सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियां चल रही हैं। इस कुंभ मेला में भक्त शिप्रा नदी में स्नान करेंगे। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान शिप्रा नदी में स्नान करने से पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 3 साल पहले ही सिंहस्थ कुंभ के तारीख की घोषणा भी कर दी गई है। यहां से आप सिंहस्थ कुंभ के अमृत स्नान की तिथि यानी तारीख जान सकते हैं। साथ ही सिंहस्थ कुंभ का महत्व भी यहां बताया गया है।
कब लगेगा उज्जैन में कुंभ मेला?
2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ अब तय तारीखों पर होगा। 27 मार्च से 27 मई 2028 तक यह दो माह का भव्य आयोजन चलेगा, जिसमें तीन अमृत स्नान और सात पर्व स्नान होंगे।
क्या हैं उज्जैन कुंभ मेला के शाही स्नान की तारीख?
उज्जैन में होने वाले अमृत या शाही स्नान की डेट्स की बात करें तो ये स्नान तय किए गए इन तारीखों पर होने वाले हैं-
पहला शाही स्नान - 9 अप्रैल 2028
दूसरा शाही स्नान - 23 अप्रैल 2028
तीसरा शाही स्नान - 8 मई 2028
जानें अनुमानित श्रद्धालुओं की संख्या-
उज्जैन नगरी एक बार फिर दिव्यता का साक्षी बनने के लिए तैयार है। इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन में लगभग 14 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। ये कुंभ भारत ही नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बनने जा रहा है।
सिंहस्थ कुंभ 2028 का महत्व-
सिंहस्थ कुंभ 2028 हर 12 साल में एक बार लगता है और इस दौरान लाखों श्रद्धालु शिप्रा नदी में स्नान करने आते हैं। यह मेला अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है। कहते हैं कि शिप्रा नदी में स्नान करने से लोग पाप से मुक्त होते हैं और उन्हें मोक्ष मिलता है।
