Samudrika Shastra In Hindi: हिन्दू धर्म और सामुद्रिक शास्त्र में इंसानों के शरीर की बनावट पर शरीर पर मौजूद तिल के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके आधार पर व्यक्ति के स्वभाव से लेकर भाग्य तक का पता लगाया जा सकता है। चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से में पाए जाने वाले तिलों को ज्यादा महत्व दिया गया है। मान्यता है कि इनमें से कुछ तिल जहां सुख-समृद्धि के प्रतिक होते हैं, वहीं कुछ तिल दुख-दरिद्रता के निशानी होते हैं। इनमें से कई तिल प्रेम संबंधों को भी दर्शातें हैं। आइए जानते हैं कि शरीर पर मौजूद तिल किस तरह का रहस्य बताते हैं।
चेहरे के तिल बताते हैं व्यक्ति का स्वभाव, जानें कैसे पता करें राज
चेहरे और हाथ के तिल
जिन व्यक्तियों के भौंह के बीच तिल होता है, वे दूसरों के प्रति दयालु होते हैं। वहीं, जिनके सिर के दायीं तरफ तिल होता है, वे लोग बहुत बुद्धिमान और मिलनसार होते हैं। ऐसे लोगों को समाज में खूब मान-सम्मान मिलता है। जिन लोगों के माथे और गाल पर दाई तरह तिल होता है वो लोग प्रखर बुद्धि वाले तथा समझदार होते हैं, ये कभी किसी कार्य में हार नहीं मानते। ऐसे लोग हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रयास करते रहते हैं। ऐसे लोग आर्थिक तौर पर भी काफी मजबूत होता है। ठोड़ी पर तिल व्यक्ति के स्वार्थी स्वभाव को दर्शाता है। ऐसे लोग ज्यादा मेल-मिलाप से दूर रहते हैं। ये लोग करियर में कामयाब होते हैं। इसी तरह दाएं हाथ पर तिल वाले जहां निडर स्वभाव के होते हैं, वहीं बाएं हाथ पर तिल वाले चंचल स्वभाव और खर्चीले होते हैं।
गले, आंख-नाक और ओंठ पर तिल
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन लोगों के गले पर तिल होता है, वे तीव्र बुद्धि वाले होते हैं। ऐसे लोग हर क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल करते हैं। जिनकी नाक के सामने की तरफ तिल होता है वो खुशमिजाज स्वभाव के होते हैं सुख-समृद्धि पाते हैं। वहीं, जिनके आंख के आपास तिल होता है, वे संवेदनशील स्वभाव के होते हैं। जिनके दाहिनी आंख के नीचे तिल होता है, वे स्वभाव से कामुक होते हैं। साथ ही जिंदगी में कामयाब भी रहते हैं। जिन लोगों के होंठ के ऊपर बायीं तरफ तिल होता है, वे विश्वासपात्र होते हैं साथ ही संतान को बहुत प्यार करते हैं। होंठ के नीचे तिल वाले लोग असुरक्षा की भावना में जीवन व्यतीत करते हैं। होंठ के आस-पास तिल वाले लोग प्रेमी स्वभाव के होते हैं। इन्हें हर कोई पसंद करता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
