धनवर्षा की तैयारी कर लें ये 6 राशियां, गुरु-सूर्य की युति देगी भारी लाभ

Surya Guru Yuti 2026: ग्रहों के राजा सूर्य और देवगुरु बृहस्पति की युति कर्क राशि में बनने जा रही है। यह युति कुछ राशि वालों के लिए बेहद ही शानदार रहने वाली है। आइए जानते हैं कि वे कौन हैं।

Surya Guru Yuti 2026: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा, आत्मबल, नेतृत्व, पिता, सरकार, प्रशासन, सम्मान और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है। वहीं दूसरी ओर देवगुरु बृहस्पति ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान, शिक्षा, गुरु कृपा, धन और शुभता के कारक ग्रह हैं। जब सूर्य और गुरु एक ही राशि में आते हैं तो दोनों ग्रहों की युति एक विशेष ऊर्जा का निर्माण करती है। ज्योतिष शास्त्र में इसे ज्ञान, नेतृत्व और अटूट आत्मविश्वास का एक बेहद प्रभावशाली संयोग माना जाता है।

Surya guru yuti 2026  सूर्य-गुरु की कर्क में युति से किनको लाभ होगा

सूर्य-गुरु की कर्क में युति से किनको लाभ होगा

16 जुलाई 2026 की रात 11 बजकर 44 मिनट पर सूर्य मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि में पहले से ही देवगुरु बृहस्पति विराजमान हैं, जिससे वहां सूर्य और गुरु की युति बनेगी। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि 15 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक गुरु अस्त अवस्था में रहेंगे, जिसके कारण गुरु के कुछ शुभ फल थोड़े कमजोर हो सकते हैं, लेकिन उनके शुभ फल पूरी तरह समाप्त नहीं होंगे। सूर्य और गुरु की यह युति फिर भी ज्ञान, नेतृत्व, आत्मबल और निर्णय क्षमता पर अपना पूरा प्रभाव डालती रहेगी। जिन लोगों की कुंडली में यह युति शुभ भावों को सक्रिय करेगी, उन्हें इसके शानदार और सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

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