Surya Chandra Vyatipata Yoga 2026: 5 अगस्त 2026 की सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर सूर्य और चंद्रमा के बीच व्यतिपात योग बनने की स्थिति बन गई है। ज्योतिष में व्यतिपात को 27 नित्य योगों में 17वां योग माना जाता है। इसे सामान्यतः ऐसे समय के रूप में देखा जाता है जिसमें बिना विचार किए शुरू किए गए कामों में बाधा, निर्णयों में अस्थिरता और परिस्थितियों के अचानक बदलने की आशंका बढ़ सकती है, लेकिन इस योग को केवल 'अशुभ योग' कहकर छोड़ देना ज्योतिषीय विश्लेषण नहीं होगा।
सूर्य चंद्र के व्यक्तिपात योग से किनको नुकसान हो सकता है
असली बात यह है कि इस समय सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे। सूर्य और चंद्रमा दोनों ही व्यक्ति के भीतर की महत्वपूर्ण शक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, पिता, प्रतिष्ठा और निर्णय क्षमता से जुड़ा है, जबकि चंद्रमा मन, भावनाओं, मानसिक स्थिरता और प्रतिक्रिया का कारक माना जाता है।
ऐसे में इन दोनों के बीच बनने वाली विशेष स्थिति का असर सबसे पहले मन और निर्णय के बीच तालमेल पर देखा जा सकता है। व्यतिपात को परंपरागत ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए प्रतिकूल माना गया है और इस दौरान शिव उपासना, जप तथा दान जैसे आध्यात्मिक उपाय करने चाहिए। आइए जानते हैं कि इस योग से किन राशि वालों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और इससे बचने के क्या उपाय हैं।
व्यतिपात योग में क्यों रखें सावधानी
इस समय की सबसे बड़ी चुनौती बाहर की कोई घटना नहीं, बल्कि जल्दबाजी में लिया गया फैसला हो सकता है। मेष राशि में चंद्रमा होने से मन तेजी से प्रतिक्रिया करता है। दूसरी तरफ कर्क राशि में सूर्य भावनात्मक सुरक्षा, परिवार और निजी मामलों को अधिक महत्व देता है। इस कारण व्यक्ति किसी बात को व्यक्तिगत रूप से लेकर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है।
यही स्थिति रिश्तों में बहस, नौकरी में वरिष्ठों से मतभेद, व्यापार में जल्दबाजी, निवेश में गलत निर्णय या परिवार में अनावश्यक तनाव का कारण बन सकती है। इस कारण इस दौरान आपके लिए मूल मंत्र यही रहेगा कि 'पहले सोचें, फिर बोलें और उसके बाद ही कोई बड़ा फैसला लें।' अब आइए जानते हैं कि किन लोगों के लिए यह योग अशुभ रहेगा और इससे बचने के लिए क्या उपाय करें?
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए मेष में स्थित चंद्रमा 12वें भाव को प्रभावित करेगा। 12वां भाव खर्च, विदेश, नींद, एकांत और अनावश्यक व्यय से जुड़ा माना जाता है। वहीं कर्क राशि में सूर्य आपके तीसरे भाव से गुजर रहा है। इस संयोजन में समस्या यह हो सकती है कि व्यक्ति किसी काम को लेकर जरूरत से ज्यादा प्रयास करे और बाद में महसूस हो कि उसका परिणाम अपेक्षा के मुताबिक नहीं मिला।
ऑनलाइन खरीदारी, यात्रा, गैरजरूरी खर्च या बिना पूरी जानकारी के आर्थिक निर्णय लेने से बचना बेहतर रहेगा। नींद में कमी होने पर चिड़चिड़ापन भी बढ़ सकता है। 5 अगस्त को किसी बड़ी खरीदारी या निवेश में जल्दबाजी न करें।
उपाय: सुबह सूर्य को जल अर्पित करें और शाम को भगवान शिव का ध्यान करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जाप करें। व्यतिपात से जुड़े पारंपरिक उपायों में शिव उपासना का विशेष महत्व माना गया है।
कन्या राशि
कन्या राशि के लिए मेष का चंद्रमा आठवें भाव में रहेगा। ज्योतिष में आठवां भाव अचानक परिवर्तन, अनिश्चितता, गुप्त मामले और मानसिक दबाव से जुड़ा होता है। इस कारण यह योग कन्या राशि वालों के लिए विशेष सावधानी वाला हो सकता है। कोई पुराना मुद्दा अचानक सामने आ सकता है या ऐसी जानकारी मिल सकती है जिसके कारण आपको अपनी योजना बदलनी पड़े।
इसका अर्थ किसी बड़ी अनहोनी से नहीं है। बल्कि ज्योतिषीय संकेत यह है कि इस दौरान नियंत्रण से बाहर परिस्थितियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय उन्हें समझना अधिक जरूरी होगा। स्वास्थ्य के मामले में भी दिनचर्या बिगाड़ने से बचें। बहुत ज्यादा काम का बोझ लेने से मानसिक थकान बढ़ सकती है। किसी दस्तावेज, कॉन्ट्रैक्ट या आर्थिक लेन-देन को बिना पढ़े स्वीकार न करें।
उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। सामर्थ्य हो तो जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए मेष का चंद्रमा छठे भाव में रहेगा। छठा भाव नौकरी, प्रतिस्पर्धा, कर्ज, रोग और विरोधियों से जुड़ा माना जाता है। इस कारण इस योग का एक पक्ष चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद दूसरा पक्ष मजबूत भी है। यदि आप किसी प्रतियोगिता या कार्यक्षेत्र में संघर्ष कर रहे हैं तो परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता बढ़ सकती है, लेकिन समस्या तब होगी जब आप हर छोटी बात को लड़ाई समझने लगेंगे। ऑफिस में किसी सहकर्मी से विवाद, कानूनी या कर्ज से जुड़े मामले में जल्दबाजी और शरीर की थकान को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। किसी विवाद को व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं।
उपाय: इस अवधि में हनुमान जी का स्मरण करें और जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं। क्रोध पर नियंत्रण रखना ही आपके लिए सबसे बड़ा उपाय रहेगा।
मकर राशि
मकर राशि के लिए मेष चौथा भाव है। चौथा भाव घर, माता, वाहन, संपत्ति और मानसिक शांति से जुड़ा होता है। चंद्रमा यहां होने के कारण घर की किसी बात को लेकर मन परेशान हो सकता है। वाहन चलाते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में भी जल्द निर्णय लेना उचित नहीं होगा। इसके साथ ही सूर्य आपके सातवें भाव से प्रभाव डाल रहा है। इसलिए निजी और व्यावसायिक साझेदारी में भी तनाव की स्थिति बन सकती है। वाहन चलाते समय गुस्से या जल्दबाजी से बचें और प्रॉपर्टी से जुड़ा दस्तावेज अच्छी तरह जांचें।
उपाय: माता या किसी बुजुर्ग महिला का आशीर्वाद लें। शाम को शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और सफेद वस्तु का दान करें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
