Story Of Mahabharata: धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने जीवन में सदैव सत्य और धर्म का साथ दिया। चाहे जीवन में कैसी भी परिस्थिति आई उन्होंने इन दोनों का साथ कभी नहीं छोड़ा। इसलिए जब उनकी ही मां कुंती ने उनसें झूठ बोला तो वो अत्याधिक क्रोधित हो गए। जिसकी वजह से उन्होंने न सिर्फ कुंती बल्कि समस्त नारी जाति को ऐसा भयंकर श्राप दे दिया जो आज तक चला आ रहा है। चलिए जानते हैं धर्मराज युधिष्ठिर ने महिलाओं को कैसा श्राप दिया था।
Why Yudhisthira Curse All the Women in Earth
युधिष्ठिर ने महिलाओं को क्यों दिया श्राप
कहते हैं जब महाभारत युद्ध के समय अर्जुन ने कर्ण की हत्या कर दी थी तब उसके मृत शरीर को देखकर कुंती अपनी भावनाओं को नहीं रोक पाई और उसके शरीर से लिपट कर जोर जोर से रोने लगीं। माता कुंती के इस व्यवहार से उनके पुत्र आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि कर्ण उनका शत्रु था। तब पाण्डु पुत्र माता कुंती से ऐसा करने की वजह पूछते हैं।
तब कुंती उन्हें बताती हैं कि कर्ण उनका शत्रु नहीं बल्कि बड़ा भाई है। जिसका जन्म उनके विवाह से पहले ही हो गया था। माता कुंती पांडवों को महर्षि दुर्वासा द्वारा गिए गए उस मंत्र के बारे में बताती है जिसके माध्यम से उन्होंने पांडवों से पहले कर्ण को पुत्र रूप में प्राप्त किया था।
माता कुंती की यह बात सुनकर धर्मराज युधिष्ठिर क्रोधित हो जाते हैं। उन्हें इस बात की ग्लानि होने लगती है कि कैसे उनकी माता द्वारा ये सच छिपाए जाने से पांंचों पांडवों के माथे पर भाई की हत्या का कलंक लग गया। तब युधिष्ठिर ने कुंती इस गलती के लिए दुनिया की तमाम महिलाओं को यह श्राप दे दिया कि अब से महिलाएं चाहकर भी अपने मन में कोई बात नहीं छिपा सकेंगे। कहते हैं कि उस दिन से संसार की सभी महिलाएं अपने मन में कोई भी गहरा राज अधिक समय तक नहीं रख पाती हैं।
