Somvati Amavasya 2023 Date, Time, Puja Muhurat: जिस महीने में अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है उसे शनि अमावस्या कहा जाता है। इसलिए सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस साल अमावस्या बहुत खास है। इस दिन बहुत ही शुभ और दुर्लभ संयोग एक साथ बने हैं। पितरों की पूजा के लिए अमावस्या को बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा अमावस्या के दिन माता पार्वती और भोलेनाथ की पूजा करने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है।
Somvati Amavasya 2023 Date: कब है सोमवती अमावस्या? (Image: Instagram/@_bhola_bhandari_)
सोमवती अमावस्या 2023 तिथि - Sawan Somvati Amavasya Tithi
पंचांग के अनुसार 16 जुलाई रविवार को कृष्ण पक्ष में अमावस्या तिथि रात 10:08 बजे से शुरू होगी। तो यह 17 जुलाई को दोपहर 12:01 बजे तक रहेगा। ऐसे में सवाल है कि आखिर अमावस्या कब है। सोमवार 17 जुलाई को उदयातिथि के अनुसार सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी।
सोमवती अमावस्या पर पूजा विधि - Sawan Somvati Amavasya Pooja Vidhi
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद जल में काले तिल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- पूजा घर को साफ करें और माता पार्वती और भोलेनाथ की पूजा करें।
- सबसे पहले शिवलिंग का अभिषेक करें।
- फिर बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल आदि चढ़ाएं।
- पूजा के बाद शिव चालीसा और शिव मंत्रों का जाप करते हुए रुद्राक्ष की माला का जाप करें।
- पूजा समाप्त होने के बाद ब्राह्मणों को दान दक्षिणा दें।
सोमवती अमावस्या पर 3 शुभ संयोग - Sawan Somvati Amavasya Shubh Yoga
इस दिन तीन ऐसे दुर्लभ और शुभ संयोग एक साथ बने हैं। पुष्कर योग के साथ ही रुद्राभिषेक और सर्वार्थ सिद्धि योग के 3 शुभ संयोग बन रहे हैं। पंचांग के अनुसार 17 जुलाई को सुबह 05 बजकर 11 मिनट से 05 बजकर 35 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसलिए रुद्राभिषेक के लिए पूरा दिन शुभ है और यह योग सुबह से लेकर देर रात 12:01 तक रहने वाला है।
