Krishna Chalisa: जय यदुनंदन जय जगवंदन जय वासुदेव देवकी नंदन... जन्माष्टमी के दिन करें कृष्ण चालीसा का पाठ, पढ़ें श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा संस्कृत और हिंदी में

Krishna Chalisa Lyrics Arth Sahit (कृष्ण चालीसा अर्थ सहित): श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज, 16 अगस्त को मनाई जा रही है। इस दिन कान्हा जी का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी का व्रत बिना कृष्ण चालीसा के पूरा नहीं माना जाता है। यहां से आप कृष्ण चालीसा का पाठ पढ़ सकते हैं। यहां संस्कृत और हिंदी दोनों में ही कृष्ण चालीसा मौजूद है।

Krishna Chalisa Lyrics Arth Sahit (कृष्ण चालीसा अर्थ सहित): कृष्ण, भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं, जो हिन्दू धर्म में पूजनीय हैं। उन्हें भगवान कृष्ण या कान्हा के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था, जिसे जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन कृष्ण चालीसा का पाठ जरूर किया जाता है। यहां से आप हिंदी और संस्कृत में कृष्ण चालीसा का पाठ पढ़ सकते हैं। देखें श्री कृष्ण कथा-

कृष्ण चालीसा इन हिंदी PDF (photo source: canva)

Shri Krishna Chalisha In Sanskrit-

॥ दोहा॥

बंशी शोभित कर मधुर,

नील जलद तन श्याम ।

अरुण अधर जनु बिम्बफल,

नयन कमल अभिराम ॥

पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख,

पीताम्बर शुभ साज ।

जय मनमोहन मदन छवि,

कृष्णचन्द्र महाराज ॥

॥ चौपाई ॥

जय यदुनन्दन जय जगवन्दन ।

जय वसुदेव देवकी नन्दन ॥

जय यशुदा सुत नन्द दुलारे ।

जय प्रभु भक्तन के दृग तारे ॥

जय नट-नागर नाग नथैया ।

कृष्ण कन्हैया धेनु चरैया ॥

पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो ।

आओ दीनन कष्ट निवारो ॥

वंशी मधुर अधर धरी तेरी ।

होवे पूर्ण मनोरथ मेरो ॥

आओ हरि पुनि माखन चाखो ।

आज लाज भारत की राखो ॥

गोल कपोल, चिबुक अरुणारे ।

मृदु मुस्कान मोहिनी डारे ॥

रंजित राजिव नयन विशाला ।

मोर मुकुट वैजयंती माला ॥

कुण्डल श्रवण पीतपट आछे ।

कटि किंकणी काछन काछे ॥

नील जलज सुन्दर तनु सोहे ।

छवि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे ॥10

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