Shivratri Ke Gane (शिवरात्रि के भजन): महाशिवरात्रि का पर्व हर किसी के लिए खास होता है क्योंकि ये शिव उपासना का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। कहते हैं इस पवित्र दिन पर जो भी श्रद्धालु सच्ची आस्था से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही ऐसे लोगों पर शिव-पार्वती की सदैव कृपा बनी रहती है। इस शुभ अवसर पर शिव के भजनों को सुनने का भी विशेष महत्व माना जाता है। चलिए आपको बताते हैं शिवरात्रि के लोकप्रिय भजनों के बारे में यहां।
Shivratri Ke Gane
Shivratri Ke Gane (शिवरात्रि के भजन)
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे - भजन (Hey Bholenath Ki Shadi)
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥
पिया है भांग बजी है बीट,
चढ़ी है मस्ती गायेंगे गीत,
छोड़ के सारी फिक्रा खुशियां बाटेंगे ॥
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥
दुल्हन बनी है गौरा मैया,
नंदी पे है शंकर शम्भू,
सखियाँ छेड़ रही गौरा को,
बाराती बड़े भयंकर,
मची है धूम रहे सारे घूम,
रहे सारे घूम मची है धूम,
अजी चाँद सितारे आसमान से झाकेंगे ॥
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥
युगो युगो में बनती है कभी,
शिव गौरा सी जोड़ी,
एक भभूति वाले बाबा,
गौरा गौरी गौरी,
प्यार का खेल हुए है मेल,
हुए है मेल प्यार का खेल,
योगी संग राजकुमारी दुख सुख बाटेंगे ॥
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥
बगड़ बम्ब बम बबम बम बबम,
बबम बम बबम बबम बम बबम,
बबम बम बबम बबम बम बबम,
बम भोले,
शंभू ॥
बगड़ बम्ब बम बबम बम बबम,
बबम बम बबम बबम बम बबम,
बबम बम बबम बबम बम बबम,
बम भोले ॥
जगमग करती शहर की गालियाँ,
बटने लगी मिठाइयां,
रवि राज की ओर से सबको,
लख लख हौण बधाइयां,
हँसराज की ओर से सबको,
लख लख हौण बधाइयां,
लो शिव का नाम बनेंगे काम,
हाँ सुबह शाम लो शिव का नाम,
शिव कष्ट हमारे पलभर क्षण में काटेंगे ॥
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥
Mahashivratri Ke Bhajan
शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ (Shiv Shankar Ko Jisne Pooja)
शिव शंकर को जिसने पूजा,
उसका ही उद्धार हुआ ।
अंत काल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ ॥
भोले शंकर की पूजा करो,
ध्यान चरणों में इसके धरो ।
हर हर महादेव शिव शम्भू,
हर हर महादेव शिव शम्भू ।
हर हर महादेव शिव शम्भू...
डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
दीन दुखियों का देता जगत का पिता ॥
सब पे करता है ये भोला शंकर दया
सबको देता है ये आसरा ॥
इन पावन चरणों में अर्पण,
आकर जो इक बार हुआ,
अंतकाल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ,
हर हर महादेव शिव शम्भू,
हर हर महादेव शिव शम्भू ।
हर हर महादेव शिव शम्भू...
नाम ऊँचा है सबसे महादेव का,
वंदना इसकी करते है सब देवता ।
इसकी पूजा से वरदान पातें हैं सब,
शक्ति का दान पातें हैं सब।
नाथ असुर प्राणी सब पर ही,
भोले का उपकार हुआ ।
अंत काल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ॥
शिव शंकर को जिसने पूजा,
उसका ही उद्धार हुआ ।
अंत काल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ ॥
भोले शंकर की पूजा करो,
ध्यान चरणों में इसके धरो ।
हर हर महादेव शिव शम्भू,
हर हर महादेव शिव शम्भू ।
हर हर महादेव शिव शम्भू...
शिव स्तुति आशुतोष शशाँक शेखर (Shiv Stuti Ashutosh Shashank Shekhar)
आशुतोष शशाँक शेखर,
चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
कोटि नमन दिगम्बरा ॥
निर्विकार ओमकार अविनाशी,
तुम्ही देवाधि देव,
जगत सर्जक प्रलय करता,
शिवम सत्यम सुंदरा ॥
निरंकार स्वरूप कालेश्वर,
महा योगीश्वरा,
दयानिधि दानिश्वर जय,
जटाधार अभयंकरा ॥
शूल पानी त्रिशूल धारी,
औगड़ी बाघम्बरी,
जय महेश त्रिलोचनाय,
विश्वनाथ विशम्भरा ॥
नाथ नागेश्वर हरो हर,
पाप साप अभिशाप तम,
महादेव महान भोले,
सदा शिव शिव संकरा ॥
जगत पति अनुरकती भक्ति,
सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब,
जय जयति जगदीश्वरा ॥
जनम जीवन जगत का,
संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन,
जपता रहे पञ्चाक्षरा ॥
आशुतोष शशाँक शेखर,
चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
कोटि नमन दिगम्बरा ॥
कोटि नमन दिगम्बरा..
कोटि नमन दिगम्बरा..
कोटि नमन दिगम्बरा..
