Shardiya Navratri 2026 Horoscope: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से हो रही है। नवरात्रि का समापन 19 अक्टूबर को महानवमी के साथ होगा, जबकि 20 अक्टूबर को विजयदशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। इस बार नवरात्रि के नौ दिनों में कई ग्रहों की चाल और नक्षत्रों में बदलाव देखने को मिलेंगे। ज्योतिषीय नजर से यह समय कुछ राशियों के लिए करियर, पैसा, कारोबार और पर्सनल लाइफ में नए मौके लेकर आ सकता है।
नवरात्रि का राशिफल (Image AI Generated and Newsroom Verified)
नवरात्रि की शुरुआत के समय सूर्य चित्रा नक्षत्र में रहेंगे और चंद्रमा तुला राशि में गोचर करेंगे। 12 अक्टूबर को बुध विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 17 अक्टूबर को मंगल अश्लेषा नक्षत्र में पहुंचेंगे और सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर करेंगे। इस दौरान शुक्र और बुध तुला राशि में, जबकि गुरु और मंगल कर्क राशि में रहेंगे। राहु कुंभ, केतु सिंह और शनि मीन राशि में मौजूद होंगे।
ग्रहों की यह स्थिति कुछ राशि वालों के लिए नवरात्रि के नौ दिन खास रह सकते हैं। किसी को नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं, तो किसी के लिए आर्थिक स्थिति सुधारने या लंबे समय से अटके काम पूरे करने का रास्ता खुल सकता है।
हालांकि, सभी राशियों के लिए यह समय एक जैसा नहीं रहेगा। ग्रहों की अनुकूल स्थिति के बावजूद कुछ मामलों में समझदारी और धैर्य रखना जरूरी होगा। आइए जानते हैं कि इन छह राशियों के लिए नवरात्रि का समय क्यों खास रहने वाला है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए नवरात्रि के नौ दिन करियर और आर्थिक मामलों में महत्वपूर्ण रह सकते हैं। आपकी राशि से राहु दसवें भाव में और शनि ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष में दसवें भाव को करियर, नौकरी और प्रतिष्ठा का, जबकि ग्यारहवें भाव को इनकम और लाभ का माना जाता है। इन स्थितियों के कारण नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी, बेहतर अवसर या किसी पुराने काम से लाभ मिल सकता है।
कारोबार करने वालों को नए क्लाइंट जोड़ने और अपने काम का दायरा बढ़ाने का मौका मिल सकता है। इस दौरान प्रतिस्पर्धा भी रहेगी, लेकिन सही रणनीति और लगातार मेहनत से उसे अपने पक्ष में किया जा सकता है। हालांकि, ऑफिस की राजनीति या किसी सहकर्मी के साथ विवाद में उलझने से बचना बेहतर होगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह नवरात्रि कई मामलों में सकारात्मक रह सकती है। गुरु आपकी राशि से दूसरे भाव में उच्च के होकर गोचर कर रहे हैं, जो धन, बचत और परिवार से जुड़ा है। वहीं शनि दसवें भाव में रहकर करियर में जिम्मेदारी और अनुशासन बढ़ा रहे हैं। तुला राशि में बुध और शुक्र की मौजूदगी पांचवें भाव को सक्रिय करती है, जिसका संबंध शिक्षा, बुद्धि, रचनात्मकता और योजनाओं से है। ऐसे में नौकरी करने वालों को अपनी स्किल दिखाने का मौका मिल सकता है।
मीडिया, लेखन, मार्केटिंग, शिक्षा और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने आइडिया पर काम करने से फायदा मिल सकता है। आर्थिक मामलों में भी बेहतर प्लानिंग का अवसर रहेगा। हालांकि, केवल उम्मीद के आधार पर किसी निवेश में पैसा लगाने के बजाय पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए नवरात्रि के दौरान सबसे महत्वपूर्ण स्थिति गुरु का अपनी उच्च राशि में पहले भाव में होना है। ज्योतिष में पहले भाव का संबंध व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, सोच और जीवन की दिशा से माना जाता है। ऐसे में आप अपने काम और भविष्य को लेकर अधिक स्पष्टता महसूस कर सकते हैं। लंबे समय से किसी मौके का इंतजार कर रहे लोगों को आगे बढ़ने का रास्ता मिल सकता है।
परिवार और घर से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक पहल करने का समय रहेगा। 17 अक्टूबर को मंगल के कर्क राशि में प्रवेश करने से ऊर्जा और सक्रियता बढ़ सकती है, लेकिन मंगल के नीच राशि में होने के कारण जल्दबाजी और गुस्से में फैसला लेने से बचना होगा। गुरु की स्थिति आपको समझदारी से आगे बढ़ने में मदद कर सकती है। यह समय अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने और अधूरे काम पूरे करने के लिए उपयोगी हो सकता है।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए नवरात्रि का समय आर्थिक मामलों और कामकाज में सुधार का अवसर दे सकता है। गुरु आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में हैं, जिसे इनकम, लाभ और इच्छापूर्ति का भाव माना जाता है। वहीं राहु छठे भाव में होने से प्रतियोगिता और नौकरी से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने की कोशिश तेज हो सकती है।
तुला राशि में बुध और शुक्र का गोचर दूसरे भाव को सक्रिय करेगा, जिसका संबंध धन, बचत और वाणी से है। ऐसे में कारोबारियों को पुराने क्लाइंट से दोबारा काम मिल सकता है और नौकरीपेशा लोगों को अपनी मेहनत का लाभ मिलने की उम्मीद रहेगी। बातचीत, सेल्स, मार्केटिंग और फाइनेंस से जुड़े कामों में भी अच्छे अवसर बन सकते हैं। हालांकि, शनि सातवें भाव में होने के कारण बिजनेस पार्टनरशिप और निजी रिश्तों में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। काम के साथ रिश्तों को भी समय देना जरूरी होगा।
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तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए इस नवरात्रि का गोचर विशेष महत्व रखता है। बुध और शुक्र आपकी ही राशि में मौजूद हैं, जबकि गुरु दसवें भाव में गोचर कर रहे हैं। दसवां भाव करियर, नौकरी, कारोबार और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा होता है। ऐसे में नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने या नई जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिल सकता है। कारोबारियों के लिए नए प्रोजेक्ट और व्यावसायिक संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
17 अक्टूबर को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करने से कामकाज और व्यक्तिगत निर्णयों पर ध्यान बढ़ेगा, लेकिन सूर्य यहां नीच राशि में होते हैं। इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों से टकराव, अहंकार या अपनी बात मनवाने की जिद से बचना जरूरी होगा। शुक्र की वक्री और अस्त स्थिति के कारण प्रेम संबंधों तथा व्यक्तिगत खर्चों में उतार-चढ़ाव भी रह सकता है। करियर में आगे बढ़ने के लिए योजना और धैर्य सबसे ज्यादा काम आएंगे।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए नवरात्रि के नौ दिन करियर के लिहाज से अच्छे अवसर लेकर आ सकते हैं। तुला राशि में मौजूद बुध और शुक्र आपकी राशि से दसवें भाव में हैं, जो नौकरी, कारोबार और प्रोफेशनल पहचान का भाव है। शनि तीसरे भाव में रहकर मेहनत, साहस और अपने प्रयासों के दम पर आगे बढ़ने की क्षमता को महत्व देते हैं। वहीं गुरु सातवें भाव में होने से बिजनेस पार्टनरशिप और क्लाइंट से जुड़े मामलों में सहयोग मिल सकता है। ऐसे में लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को भी नए अवसरों पर विचार करने का मौका मिलेगा। हालांकि, पार्टनरशिप में अपनी शर्तें स्पष्ट रखें और किसी भी समझौते को अच्छी तरह पढ़कर ही स्वीकार करें। इस दौरान लगातार मेहनत करने वालों को आगे चलकर बेहतर परिणाम मिलने की संभावना रहेगी।
नवरात्रि में ग्रहों की चाल का क्या होगा असर
ज्योतिषीय दृष्टि से इस बार नवरात्रि के दौरान करियर, आर्थिक स्थिति, रिश्तों और व्यक्तिगत फैसलों से जुड़े विषय अधिक महत्वपूर्ण रह सकते हैं। गुरु की कर्क राशि में उच्च स्थिति ज्ञान, समझ और सही सलाह के महत्व को बढ़ाती है। शनि का मीन राशि में गोचर जिम्मेदारियों और धैर्य की मांग करता है। वहीं, तुला राशि में बुध और शुक्र की मौजूदगी कम्युनिकेशन, कारोबार, रिश्तों और समझौते से जुड़े मामलों को सक्रिय करती है।
17 अक्टूबर के बाद सूर्य के तुला राशि में प्रवेश और मंगल के कर्क राशि में आने से कुछ फैसलों में तेजी आ सकती है। ऐसे में केवल उत्साह में आकर कदम उठाने के बजाय परिस्थितियों को समझना जरूरी होगा। नवरात्रि के ये नौ दिन धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपने काम, रिश्तों और भविष्य की योजनाओं पर विचार करने का भी अच्छा अवसर हो सकते हैं। मां दुर्गा की आराधना के साथ अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच बनाए रखना इस अवधि को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
