Kanya Pujan Samagri And Vidhi: नवरात्रि में कन्या पूजन अष्टमी और नवमी तिथि के दिन किया जाता है। नवरात्रि के समय में कुछ लोग पूरे नौ दिनों तक कन्या पूजन करते हैं। शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर हवन करने के बाद कन्या पूजन कराया जाता है। बिना कन्या पूजन के नवरात्रि की पूजा अधूरी मानी जाती है। नवरात्रि में कन्या पूजन करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कन्या पूजन के समय नौ छोटी सी कन्या की पूजा की जाती है। कन्या पूजन के समय में बहुत सारी चीजों को शामिल किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कन्या पूजन की सामग्री और पूरी विधि के बारे में।
Kanya Pujan Samagri List (कन्या पूजन सामग्री लिस्ट)
- जल
- थाली
- कन्या के लिए आसन
- लाल चुनरी
- सिंदूर
- अक्षत
- हलवा
- पूड़ी
- चना
- नारियल
- कलावा
- फूल
- मिठाई
- क्षमतानुसार उपहार
Kanya Pujan Vidhi (कन्या पूजन विधि)
- कन्या पूजन के समय सबसे पहले कन्याओं के पैर धोएं।
- उसके बाद उनकों सम्मान के सहित आसन पर बिठाएं।
- फिर हाथ पर कलावा बांधे और माथे पर तिलक लगाएं।
- माथे पर सिंदूर और अक्षत लगाएं।
- उसके बाद थाली में हलवा, पूड़ी और चना परोसें।
- इसके बाद सारी कन्याओं को लाल चुनरी अर्पित करें।
- भोजन कराने के बाद अपनी क्षमतानुसार दान करें और उपहार दें।
- अंत में उनके पैर छुएं और आशीर्वाद लें।
Kanya Pujan Importance (कन्या पूजन महत्व)
हिंदू धर्म में कन्या पूजन का बहुत ही खास महत्व है। शास्त्रों में कन्या पूजन को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। इसके बिना नवरात्रि की पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि दो से दस साल की कन्याएं कन्या पूजन के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। इनकी पूजा करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर परिवार में सुख, समृद्धि बनी रहती है। कन्या पूजन के समय में एक लंगूर को बालक के रूप में शामिल किया जाता है।
