Shaniwar Pradosh Vrat Katha In Hindi: शनि प्रदोष व्रत कथा हिंदी में यहां पढ़ें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 4, 2023, 08:26 AM IST

Shani Pradosh Vrat Katha: शनि प्रदोष व्रत को करने से भगवान शिव के साथ शनि देव (Shani Dev) की भी कृपा बरसती है। ये व्रत उन लोगों के लिए काफी खास होता है जिन पर शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) या शनि ढैय्या (Shani Dhaiya)चल रही हो।

Pradosh Vrat Katha: हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस तरह से एक महीने में दो प्रदोष व्रत आते हैं। जब प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ता है तो उसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। शनिवार का प्रदोष व्रत काफी खास माना जाता है। क्योंकि इस दिन जो भी इंसान सच्चे मन भगवान शिव को शनि देव की पूजा अर्चना करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

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Shani Pradosh Vrat Katha In Hindi: शनि प्रदोष की कथा

शनि प्रदोष व्रत उन लोगों के लिए भी खास माना गया है जिन पर शनि साढ़े साती, शनि ढैय्या या शनि की महादशा चल रही हो। क्योंकि इस व्रत को करने से शनि के दोष से मुक्ति मिलती है। शनि प्रदोष वाले दिन शिव चालीसा (Shiv Chalisa) और शनि चालीसा (Shani Chalisa) का पाठ जरूर करें। साथ ही शनि प्रदोष की कथा पढ़ना बिल्कुल भी न भूलें।

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