Shani Pradosh Vrat Katha in Hindi: प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) बड़ी संख्या में हिंदुओं (Hindus) की ओर से मनाया जाने वाला एक अत्यंत शुभ व्रत है। ये व्रत भगवान शिव (Lord Shiva) और माता पार्वती (Mata Parvati) को समर्पित है। शनि प्रदोष चंद्र पक्ष यानी शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। ये हिंदुओं के शुभ त्योहारों में से एक है, जो हर महीने में दो बार आता है। हिंदू मान्यता के अनुसार जब प्रदोष शनिवार के दिन पड़ता है तो उसे शनि प्रदोष (Shani Pradosh Vrat Katha) कहा जाता है। इस दिन भक्त भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद पाने के लिए दिनभर का उपवास रखते हैं। साथ ही प्रदोष व्रत कथा (Pradosh Vrat Katha) भी पढ़ी जाती है। आज हम इसी को लेकर आपसे प्रदोष व्रत कथा (Shani Pradosh Vrat Katha in Hindi) शेयर करने जा रहे हैं, जिसे आपको भी पढ़नी चाहिए।
Shani Pradosh Vrat Katha: शनि प्रदोष व्रत कथा पढ़ने से मिलता है संतान सुख।
प्रदोष व्रत कथा
किसी जमाने में एक व्यापारी अपनी पत्नी के साथ बढ़िया जीवन जी रहा था। हालांकि उन्हें सभी सांसारिक चीज़ों का आशीर्वाद प्राप्त था, लेकिन दंपति अपने जीवन से खुश नहीं थे। दरअसल इसकी वजह ये थी कि कई साल बीत जाने के बाद भी वे माता-पिता नहीं बन सके थे। शांति पाने के लिए वे तीर्थ यात्रा पर निकल पड़े। इस दौरान रास्ते में उन्हें एक ऋषि मिले, जो ध्यान कर रहे थे। ध्यान करने के बाद ऋषि ने उनकी बात सुनी और दम्पति को शनि प्रदोष व्रत करने की सलाह दी।
तीर्थ यात्रा से लौटने के बाद व्यापारी और उसकी पत्नी ने श्रद्धा और विश्वास के साथ शनि प्रदोष व्रत किया। जोड़े को आशीर्वाद मिला और व्यापारी की पत्नी कुछ ही दिनों में गर्भवती हो गई। शनि प्रदोष व्रत अत्यंत शुभ है, इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है और भक्तों को पापों से मुक्ति मिलती है।
बहुत ही पवित्र व्रत है प्रदोष
स्कंद पुराण में शनि प्रदोष व्रत का फल बताया गया है। ये बहुत ही पवित्र व्रत है। जो भक्त इस व्रत को आस्था और समर्पण के साथ करते हैं उन्हें इच्छाओं की पूर्ति के साथ-साथ स्वास्थ्य, धन और संतुष्टि का आशीर्वाद मिलता है। संतान प्राप्ति की चाहत रखने वाली महिलाएं इस व्रत को बहुत उत्साह से करती हैं और उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। यह भी माना जाता है कि जो लोग इस व्रत को लगन से करते हैं वे अपने पापों से मुक्त हो जाते हैं।
