Shani Amavasya Jayanti Katha: शनि अमावस्या जयंती की पावन कथा से जानिए कैसे हुआ सूर्य पुत्र शनि देव का जन्म

Shani Amavasya Jayanti Katha: शनि जयंती शनि देव के जन्मोत्सव का पर्व है जो हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस पर्व को शनि अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन उस पावन तिथि के रूप में मनाया जाता है जब शनि देव का जन्म हुआ था। चलिए आपको बताते हैं शनि जयंती की पावन कथा।

Shani Amavasya Jayanti Katha: शनि जयंती, ज्येष्ठ मास की अमावस्या को मनाई जाती है। इस साल ये त्योहार 27 मई 2025 को मनाया जा रहा है। कहते हैं इस दिन भगवान शनि की विधिवत पूजा करने से शनि देव के कोप से मुक्ति मिल जाती है। ये दिन विशेष तौर पर उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है जिन पर शनि साढ़े साती या शनि ढैय्या चल रही हो। कई लोग शनि जयंती अमावस्या पर व्रत भी रखते हैं। चलिए आपको बताते हैं इस व्रत की कथा क्या है।

शनि जयंती कथा (Shani Amavasya Jayanti Katha)

सूर्य देव का विवाह राजा दक्ष की पुत्री संज्ञा से हुआ था। दोनों के तीन संतानें हुईं – मनु, यमराज और यमुना। लेकिन समय बीतने के साथ संज्ञा को सूर्य के अत्यधिक तेज से परेशानी होने लगी। उन्होंने यह बात अपने पिता दक्ष से कही, परंतु राजा दक्ष ने कहा कि अब तुम सूर्य देव की पत्नी हो, तुम्हें यह सब सहन करना होगा।

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