Shab-e-Meraj 2026: हर मुसलमान का जाननी चाहिए शब-ए-मेराज से जुड़ी ये 6 अहम बातें, जानिए क्या हैं ये

Shab-e-Meraj 2026: शब-ए-मेराज इस्लाम की एक चमत्कारिक घटना है। यह रजब माह की 27वीं रात को मनाई जाती है। इसी रात को पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अल्लाह की कृपा से एक अद्भुत की थी। इस रात की घटना को कुरान में अल-इसरा वल-मेराज कहा गया है। इससे जुड़ीं कुछ ऐसी बातें हैं, जो हर एक मुसलमान को जाननी चाहिए।

Shab-e-Meraj 2026: शब-ए-मेराज इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण और चमत्कारी घटनाओं में से एक है। यह रजब महीने की 27वीं रात को मनाई जाती है, जब पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अल्लाह की विशेष कृपा से एक अद्भुत आध्यात्मिक यात्रा की। इस साल (2026) यह पावन रात 16 जनवरी को पड़ रही है। इस रात की घटना को कुरान में अल-इसरा वल-मेराज कहा गया है और यह हर मुसलमान के लिए ईमान, नमाज़ और अल्लाह से करीबी को बताती है।

Shab-e-Meraj

क्या है शब-ए-मेराज?

क्या है शब-ए-मेराज?

पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को जिब्रील (अलैहिस्सलाम) बुराक नाम के एक सफेद, तेज़ रफ्तार जानवर पर सवार होकर मक्का से बैतुल मुकद्दस (मस्जिद-ए-अक्सा, यरुशलम) तक ले गए, इसे इसरा कहा जाता है। फिर वहीं से सातों आसमानों की यात्रा हुई, इसे मेराज कहा जाता है। इस दौरान पैगंबर ने विभिन्न पैगंबरों से मुलाकात की, जन्नत-जहन्नम के दृश्य देखे और अंत में सिद्ध मुकाम (सातवें आसमान से ऊपर) पर अल्लाह से सीधे बातचीत का सम्मान प्राप्त किया। यह किसी के लिए भी सबसे बड़ा सम्मान है।

End of Feed