Budh Pradosh Vrat 2023 Puja Muhurat, Puja Vidhi And Katha: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। ये व्रत हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों पक्षों में आता है। इस व्रत में प्रदोष काल के समय भगवान शिव की पूजा की जाती है (Pradosh Vrat Puja Vidhi)। मान्यता है इस व्रत को करने से जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है (Pradosh Vrat Muhurat 2023)। इतना ही नहीं बुध प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat Shubh Muhurart) करने से कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है। बुधवार प्रदोष व्रत बच्चों के लिए बेहद फलदायी बताया गया है। जानिए बुध प्रदोष व्रत की पूजा विधि और मुहूर्त (Pradosh Vrat Puja Time Today)।
September Budh Pradosh Vrat 2023 Date And Time
प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2023 (Pradosh Vrat Puja Muhurat 2023)
प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। प्रदोष काल सूर्यास्त के 45 मिनट पहले से लेकर सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक रहता है। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष काल में की गई शिव पूजा कई गुना अधिक फलदायी होती है।
बुध प्रदोष व्रत पूजन विधि (Budh Pradosh Vrat Puja Vidhi)
- इस दिन जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जायें।
- फिर भगवान शिव का ध्यान करें और पूजा और व्रत का संकल्प लें।
- इस दिन की भगवान शिव का अभिषेक जरूर करें।
- फिर भगवान शिव को पंचामृत और पंचमेवा अर्पित करें।
- इस दिन पूरे विधि विधान के साथ भगवान शिव की पूजा की जाती है। पूजा के बाद शिव जी की आरती उतारें। फिर पूरे दिन व्रत रखें।
- प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा शाम में की जाती है।
- ऐसे में शाम को दोबारा से स्नान करके पूजा करें।
- शाम में प्रदोष व्रत की कथा भी जरूर सुनें।
बुध प्रदोष व्रत में बरतें ये सावधानियां (Take These Precautions During Budha Pradosh Fast)
- इस दिन भूल से भी काले रंग के वस्त्र न पहनें।
- यदि व्रत कर रहे हैं तो अन्न न खाएं।
- इस दिन गुस्सा ना दिखाएं और ना ही किसी पर क्रोध करें। साथ ही किसी से लड़ाई में भी ना पड़े।
- इस दिन पूजा के लिए कुशा के आसन का प्रयोग करें।
- बुध प्रदोष व्रत के दिन तामसिक भोजन, मांस, शराब का सेवन बिल्कुल भी न करें।
बुध प्रदोष व्रत का महत्व (Budh Pradosh Vrat Importance)
बुध प्रदोष व्रत करने से जीवन में आने वाली सभी मुसीबतों से मुक्ति मिल जाती है। खासकर विभिन्न प्रकार के रोगों, ग्रह दोषों और पारिवारिक कलहों से छुटकारा मिलता है। बता दें कि ये व्रत कुंडली में मौजूद बुध दोष को खत्म करता है। ये व्रत बच्चों के लिए विशेष लाभकारी माना जाता है।
