Sawan Shivratri Kyu Manayi Jati Hai: शिवरात्रि का पर्व हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस तरह से प्रत्येक महीने में एक शिवरात्रि पड़ती है और साल में कुल 12 या 13 शिवरात्रि आती हैं। लेकिन साल में दो शिवरात्रि ऐसी होती हैं जिनका सबसे ज्यादा महत्व होता है और इन्हें सार्वजनिक रूप से मनाया जाता है। ये शिवरात्रि हैं फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि और सावन शिवरात्रि। 2 अगस्त को सावन शिवरात्रि मनाई जाएगी। जानिए इसका महत्व क्या है।
Sawan Shivratri Kyu Manai Jati Hai
सावन शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है (Sawan Shivratri Kyu Manayi Jati Hai)
सावन शिवरात्रि का इसलिए खास महत्व माना जाता है क्योंकि सावन महीने में सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शंकर ने समुद्र मंथन से निकले विष को ग्रहण कर लिया था। फिर इस विष के प्रभाव को कम करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने शिव जी का जल से अभिषेक करना शुरू कर दिया था। कहते हैं तभी से श्रावण महीने में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई। इसी परंपरा को निभाते हुए सावन महीने में शिव भक्त कांवड यात्रा पर जाते हैं और पवित्र स्थानों से गंगाजल लेकर सावन शिवरात्रि पर उस जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। सावन शिवरात्रि के दिन शिव का अभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है। इसलिए इस शिवरात्रि का खास महत्व होता है।
सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक के फायदे
कहते हैं जो भक्त सावन शिवरात्रि के दिन शिव का जलाभिषेक करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। साथ ही मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं महादेव का जलाभिषेक करने से व्यक्ति को धर्म, अर्थ, काम, और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
