Sawan Mein Kya Nahi Khanai Chahiye (सावन में क्या नहीं खाना चाहिए): भगवान शिव का प्रिय महीना सावन 22 जुलाई से शुरू हो गया है। इस महीने में शिव भक्त उपवास रख विधि विधान पूजा करते हैं। साथ ही पूरे महीने कुछ खास नियमों का पालन करते हैं। विशेष रूप से सावन में कुछ चीजों को खाने की मनाही होती है। जैसे सावन में कढ़ी नहीं खाई जाती है, दही, दूध, बैंगन समेत कुछ चीजों का सेवन नहीं किया जाता है। यहां हम आपको बताएंगे सावन महीने में क्या नहीं खाया जाता है और इसके पीछे के कारण क्या हैं। लहसुन और प्याज भी तामसिक भोजन में आता है इसलिए इस महीने में इसका सेवन भी नहीं करना चाहिए।
Sawan Me Kya Nahi Khana Chahiye, Sawan Mein Kadhi Kyu Nhi Khate Hai
सावन में क्या नहीं खाना चाहिए (Sawan Mein Kya Nahi Khana Chahiye)
- दूध
- दही
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- बैंगन
- मूली
- कटहल
- मांस मछली
सावन में दूध-दही क्यों नहीं खाया जाता है (Sawan Me Dudh-Dahi Kyu Nahi Khaya jata Hai)
धार्मिक मान्यताओं अनुसार सावन में कच्चा दूध शिवलिंग पर चढ़ाने का विशेष महत्व होता है। इसलिए ही इस महीने में दूध या दूध से बनी किसी भी चीज का सेवन नहीं किया जाता है। वहीं आयुर्वाद के अनुसार भी सावन महीने में दूध या दही से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। विज्ञान अनुसार भी सावन में दही और दूध का सेवन करना सही नहीं माना गया है। क्योंकि इससे सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। दरअसल सावन में अनचाही जगहों पर भी घास उगने लगती है जिसकी वजह से उन घास पर कीड़े मकोड़े मंडराने लगते हैं। ऐसे में जब गाय भैंस घास इन घासों को चर लेती हैं तो उसका प्रभाव उनके दूध पर भी पड़ने लगता है। यह दूध सेहत के लिए फायदेमंद होने की बजाय नुकसानदायक साबित होता है।
सावन में कढ़ी क्यों नहीं खाई जाती है (Sawan Mein Kadhi Kyu Nahi Khani Chahiye)
सावन में कढ़ी इसलिए नहीं खाई जाती क्योंकि कढ़ी बनाने में दही का इस्तेमाल किया जाता है और जैसा कि ऊपर बताया गया है कि सावन में दही का इस्तेमाल वर्जित है। यही वजह है कि इस महीने में कढ़ी नहीं बनाई जाती है।
सावन में नॉनवेज क्यों नहीं खाना चाहिए (Sawan Mein Non Veg Kyu Nahi Khana Chahiye)
सावन का महीना मछलियों, पशु और पक्षियों के लिए प्रजनन का समय होता है। ऐसे में अगर सावन के महीने में कोई गलती से गर्भधारण किए हुए किसी जीव को खा लेता है तो इससे हार्मोनल समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए बारीश के मौसम में मांसाहारी भोजन करने से मना किया जाता है। इसके अलावा सावन महीने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसलिए भी इस महीने में तामसिक भोजन नहीं किया जाता है।
