Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi: आज है सावन का आखिरी प्रदोष व्रत, जातक यहां पढ़ें बुध प्रदोष व्रत की पूर्ण कथा

Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi (बुध प्रदोष व्रत कथा): सावन मास के आखिरी बुधवार के दिन आज बुध प्रदोष का व्रत रखा जा रहा है। पंचांग अनुसार श्रावण मास के शुक्लपक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन आखिरी प्रदोष है। इस दिन बुधवार है इसलिए ये बुध प्रदोष व्रत कहलाएगा। यहां हम आपको बताएंगे बुध प्रदोष व्रत की पौराणिक कथा।

Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi (सावन बुध प्रदोष व्रत कथा): पंचांग और वार के अनुसार हर प्रदोष व्रत को करने के अलग अलग महत्व होते है। एक साल में 24 प्रदोष व्रत होते हैं, और जो प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पर किया जाता है, उसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। आज पंचांग अनुसार श्रावण मास का आखिरी प्रदोष व्रत है, बुधवार के इस शुभ दिन पर दोपहर 2:08 से प्रांरभ होकर 7 अगस्त को दोपहर 2:27 बजे तक शुक्लपक्ष की त्रयोदशी तिथि में सावन बुध प्रदोष का व्रत किया जाएगा। मान्यताओं अनुसार बुधवार प्रदोष व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस प्रदोष व्रत में भगवान शिव, मां पार्वती और उनके परिवार की विधि विधान के साथ पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा शिवलिंग पर जल जरूर अर्पित करें। साथ में बुध प्रदोष व्रत की कथा भी जरूर पढ़ें, यहां जाने सावन बुध प्रदोष की व्रत कथा।

बुध प्रदोष व्रत कथा (Photo Credit - Canva)

बुध प्रदोष व्रत कथा (Sawan Budh Pradosh Vrat Katha)

End of Feed