Mangla Gauri Vrat Katha: सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत आज, पढ़ें मां गौरी की पौराणिक कथा, मंगला गौरी व्रत की पूर्ण कहानी क्या है

Mangla Gauri Vrat Katha (मंगला गौरी व्रत कथा इन हिंदी): आज सावन के तीसरे मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जा रहा है। इस दिन मां गौरी की पूजा के साथ व्रत कथा सुनने की परंपरा है। मान्यता है कि कथा और विधि-विधान से पूजा करने पर दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

Mangla Gauri Vrat Katha (मंगला गौरी व्रत कथा इन हिंदी): सावन का हर मंगलवार मां गौरी की भक्ति के लिए खास माना जाता है। सावन 2026 के तीसरे मंगला गौरी व्रत के मौके पर आज महिलाओं के सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लेने और मां गौरी की पूजा-अर्चना करने का महत्व है। इस व्रत सेजुड़ी मान्यताओं में वैवाहिक सुख, परिवार की खुशहाली और पति की लंबी आयु की कामना प्रमुख मानी जाती है।

Mangla Gauri Vrat Katha in Hindi, मंगला गौरी व्रत कथा

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पूजा के दौरान मंगला गौरी व्रत कथा पढ़ना या सुनना भी परंपरा का हिस्सा है। इस कथा में धरमपाल नाम के एक व्यापारी और उसके अल्पायु पुत्र की कहानी आती है, जिसकी जिंदगी में मां गौरी की कृपा से बड़ा बदलाव आता है। कथा का सबसे खास पहलू यह है कि इसमें व्रत को एक बेटी के सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से जोड़ा गया है। अगर आप भी आज मंगला गौरी व्रत कर रही हैं, तो पूजा के साथ इस कथा को जरूर पढ़ें।

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