Sawan 2025: सावन के महीने में नीलकंठ पक्षी का महत्व, दिख जाए तो मानो हो गए सीधे महादेव के दर्शन

Sawan 2025: सावन का महीना 11 जुलाई 2025 से प्रारंभ हो रहा है। इस मास में नीलकंठ पक्षी को देखना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ये पक्षी शिव के नीलकंठ रूप का प्रतीक होता है। श्रावण के महीने में नीलकंठ के दर्शन करना भगवान शिव के साक्षात दर्शन के समान होता है।

Sawan 2025: भगवान शिव का प्रिय सावन मास 11 जुलाई से आरंभ हो रहा है। सावन महीने के कुछ शुभ प्रतीक माने जाते हैं जिसमें नीलकंठ पक्षी भी है। इस पक्षी का महादेव से खास कनेक्शन माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, नीलकंठ पक्षी को नीलकंठेश्वर के शांत और मंगलकारी स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। इस माह में नीलकंठ पक्षी का दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता है।

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सावन में नीलकंठ के दर्शन हैं शुभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नीलकंठ पक्षी के दर्शन होने से भक्तों को सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। श्रीमद्भागवत के आठवें अध्याय में वर्णित है कि समुद्र मंथन के दौरान जब देवताओं और असुरों के बीच अमृत के लिए मंथन हुआ, तब हलाहल नामक विष निकला। इस विष ने संपूर्ण सृष्टि को संकट में डाल दिया। तब भगवान शिव ने इस विष का पान किया और उसे अपने कंठ में रोक लिया। इससे उनका गला नीला पड़ गया, जिसके कारण उन्हें नीलकंठ कहा गया। श्रीमद्भागवत गीता के आठवें अध्याय में शिव के इस सौम्य स्वरूप को ‘शितिकण्ठ’ और ‘त्रिलोचन’ के रूप में वर्णित किया गया है। श्रीमद्भागवत के चौथे अध्याय में ‘तत्पहेमनिकायाभं शितिकण्ठं त्रिलोचनम्’ कहकर भगवान शिव के नीलकंठ वाले सौम्य रूप का वर्णन किया गया है।

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