सफला एकादशी व्रत कथा 2025, Saphala Ekadashi Vrat Katha : सफला एकादशी पर जरूर करें इस कथा पाठ, सुनने मात्र से मिलता है अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल

Saphala Ekadashi Vrat Katha Hindi (सफला एकादशी व्रत कथा) 2025: पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन सफला एकादशी व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन व्रत करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। साल 2025 सफला एकादशी व्रत 15 दिसंबर को रखा जा रहा है। इस दिन व्रत करने के साथ ही कथा पढ़ना आवश्यक होता है। आइए जानते हैं कि सफला एकादशी व्रत कथा क्या है और इसके पढ़ने से क्या लाभ हैं?

Saphala Ekadashi Vrat Katha Hindi (सफला एकादशी व्रत कथा): पौष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहा जाता है। यह भगवान विष्णु को समर्पित व्रत है, जो नाम के अनुसार ही जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है। इस व्रत में भगवान नारायण की पूजा और व्रत कथा का पाठ विशेष महत्व रखता है। कथा के बिना व्रत अधूरा माना जाता है। इस साल सफला एकादशी 15 दिसंबर 2025 को मनाई जा रही है। कथा सुनने या पढ़ने मात्र से अश्वमेघ यज्ञ का पुण्य मिलता है और सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।

सफला एकादशी व्रत कथा

सफला एकादशी व्रत कथा

प्राचीन समय में चंपावती नाम की एक नगरी थी, जहां महिष्मान नाम का राजा राज्य करता था। राजा के पांच पुत्र थे, जिनमें सबसे बड़ा पुत्र लुम्पक बहुत दुष्ट और पापी स्वभाव का था। वह परस्त्री गमन, वेश्यागमन और पिता का धन व्यर्थ खर्च करने जैसे बुरे काम करता था। देवता, ब्राह्मण और वैष्णवों का अपमान करना उसकी आदत थी। राजा इससे इतने दुखी हुए कि उन्होंने लुम्पक को राज्य से निकाल दिया।

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