Saphala Ekadashi Vrat Katha In Hindi: सफला एकादशी व्रत की पावन कथा यहां देखें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Dec 19, 2022, 05:43 PM IST

Safla Ekadashi Vrat Katha In Hindi: दिसंबर में आने वाली सफला एकादशी बेहद खास मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन विधि विधान से पूजा पाठ करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

Saphala/Safla Ekadashi 2022 Vrat Katha: हिंदू पंचांग अनुसार एकादशी साल में दो बार आती है। एक कृष्ण पक्ष की एकादशी दूसरी शुक्ल पक्ष की एकादशी। धार्मिक मान्यताओं अनुसार जो व्यक्ति नियमानुसार एकादशी का व्रत करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं। आज यानी 19 दिसंबर को सफला एकादशी है जो पौष माह के कृष्ण पक्ष में आती है। अगर आपने सफला एकादशी व्रत रखा है तो जरूर पढ़ें इस एकादशी की ये पावन कथा।

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Saphala Ekadashi Vrat Katha: सफला एकादशी व्रत कथा

सफला एकादशी व्रत कथा हिंदी में (Saphala Ekadashi Vrat Katha)

पौराणिक कथा के अनुसार चंपावती नाम का एक नगर था जहां महिष्मान नामक राजा राज करते थे। राजा के पांच बेटे थे, जिनमें उनका बड़ा ल्यूक बेटा अधर्मी और चरित्रहीन था। वो देवी-देवताओं की पूजा नहीं करता था और उनका अपमान करता रहता था। साथ ही मांस और मदिरा का सेवन करता था। उससे परेशान होकर राजा ने उसका नाम लुंभक रख दिया और उसे अपने राज्य से बाहर निकाल दिया।

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