Sankashti Chaturthi Stotram Lyrics (श्री संकट नाशन गणेश स्तोत्र लिखित): संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा होती है। यहा आप श्री संकट नाशन गणेश स्तोत्र (Shri Sankat Nashan Ganesh Stotra) का पूर्ण पाठ हिन्दी में पढ़ सकते हैं। इस पाठ का जाप सभी प्रकार के विघ्न और संकटों का नाश करने वाला माना जाता है। यह स्तोत्र श्री गणेश जी के अनेक नामों का सुंदर संहित पाठ है। इसके आप अर्थ सहित यहां पढ़ सकते हैं।
श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्र लिरिक्स (Pic: iStock)
श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्र लिरिक्स
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
नारद उवाच:
प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् ।
भक्तावासं स्मरेन्नित्यं आयुःकामार्थ सिद्धये ।।1।।
प्रथमं वक्रतुंड च एकदंतं द्वितीयकम् ।
तृतीयं कृष्णपिंगाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ।।2।।
लंबोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च ।
सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णं तथाष्टकम् ।।3।।
नवमं भालचंद्रं च दशमं तु विनायकम् ।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ।।4।।
द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः ।
न च विघ्न भयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो ।।5।।
विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ।।6।।
जपेत् गणपति स्तोत्रं षड्भिर्मासैः फलं लभेत् ।
संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशयः ।।7।।
अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा यः समर्पयेत् ।
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ।।8।।
श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्र का अर्थ और महत्व
इस स्तोत्र में श्री गणेश जी के १२ नामों का वर्णन किया गया है, जैसे वक्रतुंड (टेढ़ा मुकुट), एकदंत (एक दांत वाले), गजवक्त्र (हाथी मुख वाले), भालचंद्र (ललाट पर चंद्रमा धारण करने वाले) आदि।
साथ ही इसमें बताया गया है कि जो भी सुबह, दोपहर और सांझ में इसे पढ़ता है, उसके जीवन में विघ्न और बाधाएं दूर हो जाती हैं और उसे सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
FAQs
संकष्टी चतुर्थी क्या है?
संकष्टी चतुर्थी हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं।
संकष्टी चतुर्थी का व्रत कौन रख सकता है?
संकष्टी चतुर्थी का व्रत स्त्री, पुरुष, विवाहित और अविवाहित सभी रख सकते हैं।
क्या संकष्टी चतुर्थी का व्रत निर्जला होता है?
परंपरागत रूप से यह व्रत निर्जला माना जाता है, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से फल, दूध या जल लिया जा सकता है।
