नई दिल्ली: विश्व जागृति मिशन द्वारा पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में आयोजित सनातन संस्कृति जागरण महोत्सव का आयोजन 2 से 4 मई 2025 तक नई दिल्ली में किया जाएगा। यह आयोजन पूज्य सुधांशु जी महाराज के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर मनाया जा रहा है। यह केवल उनके जीवन की एक उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए एक आध्यात्मिक मील का पत्थर है। यह महोत्सव संपूर्ण भारतवर्ष में सनातन संस्कृति के मूल्यों, दृष्टिकोण और इसकी शाश्वत प्रासंगिकता को पुनः जागृत करने का राष्ट्रीय आह्वान है।
सनातन संस्कृति जागरण महोत्सव 2025
दिव्य महोत्सव का शुभारंभ 2 मई को आनंदधाम आश्रम, बक्करवाला में गुरु दर्शन और आशीर्वचन से होगा। इसमें पूज्य संतों द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन दिए जाएंगे, जिनमें जगद्गुरु स्वामी राज राजेश्वराश्रम जी महाराज, पूज्यवर श्री मोरारी बापू जी महाराज, श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी (बागेश्वर धाम), तथा स्वयं इस महायात्रा के आध्यात्मिक प्रकाशपुंज पूज्य सुधांशु जी महाराज और ध्यान गुरू डॉ. आर्चिका दीदी जी के पावन विचार शामिल होंगे।
शाम को एक भावनात्मक कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सुदीप भोला, राकेश शर्मा तथा अन्य ख्यातिप्राप्त कवि धर्म की भावना को कविता के माध्यम से स्वर प्रदान करेंगे। 4 मई को महोत्सव का समापन भारत मंडपम, प्रगति मैदान में होगा। इस पावन मंच पर आध्यात्मिक और राष्ट्रीय नेतृत्व का एक दुर्लभ संगम देखने को मिलेगा। मंच पर योगऋषि स्वामी रामदेव जी, आचार्य बालकृष्ण जी, तथा माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी, और दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी की गरिमामयी उपस्थिति होगी। इन सभी महान विभूतियों की उपस्थिति इस सांस्कृतिक जागरण के गहरे महत्व और इसके समाज, शासन और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ने वाले दूरगामी प्रभाव को दर्शाती है।
यह आयोजन विश्व जागृति मिशन की उस मूल भावना का प्रतीक है, जिसे पूज्य सुधांशु जी महाराज ने धर्म, सेवा और संस्कारों पर आधारित जागरूक जीवन की ओर प्रेरित करने के लिए स्थापित किया है। महाराज जी का स्पष्ट दृष्टिकोण है - सनातन संस्कृति मानवता की शाश्वत मार्गदर्शक शक्ति है। यह अपरिवर्तनीय है, सदा प्रासंगिक है, और इसे गर्व एवं उद्देश्य के साथ जीना चाहिए। यह महोत्सव उसी आधार का उत्सव है। एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण, जिसकी भारत को आज पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है।
आगामी महोत्सव के संदर्भ में पूज्य सुधांशु जी महाराज ने कहा - यह केवल एक उत्सव नहीं है, यह एक आध्यात्मिक क्रांति है। इस महोत्सव के माध्यम से हम भारत की आत्मा को जागृत कर रहे हैं। जब जड़ें पोषित होती हैं, तभी वृक्ष फलता-फूलता है। उसी प्रकार, जब हमारा धर्म, हमारी संस्कृति और हमारे मूल्य सशक्त होते हैं, तो राष्ट्र दुनिया में ऊंचा उठता है।
88 केंद्रों, 10 अंतरराष्ट्रीय केंद्रों, 40 आश्रमों और 24 देव मंदिरों के माध्यम से मिशन का कार्यक्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, और युवाओं के उत्थान जैसे विविध क्षेत्रों तक विस्तारित है।
इस अभियान का संचालन विश्व जागृति मिशन की उपाध्यक्षा एवं अखिल भारतीय संस्कार अभियान की संयोजिका, डॉक्टर अर्चिका दीदी के दिव्य मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है, ऐसी पीढ़ियाँ तैयार करना जो प्राचीन भारतीय ज्ञान, मजबूत नैतिक चरित्र और गहरे धर्मबोध से युक्त हों।
