Sakat Chauth Vrat Katha in Hindi: यहां पढ़ें सकट चौथ व्रत कथा, गणेश जी की कहानी

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jan 10, 2023, 08:49 PM IST

Sakat Chauth 2023 Vrat Katha in Hindi, Sakat Chauth Vrat Kahani in Hindi: सकट चौथ या संकष्टी चतुर्थी व्रत महिलाएं अपनी संतान के खुशहाल जीवन और लंबी आयु के लिए रखती हैं। जानिए इस व्रत में कौन सी कथा पढ़ना जरूरी माना जाता है।

Sakat Chauth 2023 Vrat Katha in Hindi: सकट चौथ वाले दिन प्रथम पूजनीय देवता भगवान गणेश की पूजा होती है। वैसे तो हर महीने में दो चतुर्थी पड़ती है लेकिन माघ महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली ये चतुर्थी खास है। कहते हैं इस दिन व्रत करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पू्र्ण हो जाती हैं। खासतौर से ये व्रत महिलाओं द्वारा संतान की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। इस दिन शाम के समय इस व्रत कथा को पढ़ना जरूरी होता है।

सकट चौथ व्रत कथा (Sakat Chauth Vrat Katha)

पौराणिक मान्यताओं अनुसार सकट चौथ के दिन भगवान गणेश पर सबसे बड़ा संकट आकर टला था, इसलिए इस दिन का नाम सकट चौथ पड़ा है। कथा के अनुसार एक दिन मां पार्वती स्नान करने के लिए जा रही थी। तब उन्होंने अपने पुत्र गणेश को दरवाजे के बाहर पहरा देने का आदेश दिया और बोली कि जबतक मैं स्नान करके ना लौटी किसी को भी अंदर मत आने देना। भगवान गणेश भी मां की आज्ञा का पालन करते हुए बाहर खड़े होकर पहरा देने लगे।

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