Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics (सकट चौथ 2026 गणेश जी की आरती): आज सकट चौथ के शुभ दिन पर गणेश जी की पूजा का नियम है। इस पूजा के भी अपने नियम हैं और इसमें चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। सकट चौथ के दिन सकट माता की पूजा से पहले गणपति पूजा और आरती होती है। अगर आप बप्पा की आरती करना चाहते हैं और आरती के बोल ढूंढ रहे हैं तो यहां से देख सकते हैं। यहां सकट चौथ पर की जाने वाली गणेश जी की आरती के लिरिक्स मौजूद हैं।
गणेश जी की आरती (pc: canva)
गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)-
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी,
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
भगवान गणेश की जय, पार्वती के लल्ला की जय, ओम गं गणपतये नमः
