Rishi Panchami Vrat Paran Time, ऋषि पंचमी व्रत पारण टाइम: कल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर ऋषि पंचमी का व्रत प्रारंभ हुआ था। आज उसका पारण है। व्रत रखने वाले लोगों के मन में अक्सर यही सवाल रहता है कि आखिर व्रत कब खोलना चाहिए और पारण की सही विधि क्या है। 15 सितंबर को ऋषि पंचमी का व्रत रखने वाले व्रती आज यानी 16 सितंबर, बुधवार को व्रत खोलेंगे।
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आज पंचमी तिथि सुबह 8 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। ऐसे में व्रत रखने वाले लोग अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार पारण का समय तय कर सकते हैं। व्रत खोलते समय जल्दबाजी करने के बजाय पूजा और प्रार्थना के बाद सात्विक भोजन से इसकी शुरुआत करना बेहतर माना जाता है।
ऋषि पंचमी व्रत का पारण कब करें?
ऋषि पंचमी का व्रत रखने वाले व्रती 16 सितंबर को पंचमी तिथि समाप्त होने के बाद पारण कर सकते हैं। पंचमी तिथि सुबह 8:59 बजे तक है, इसलिए अगर आपके घर में तिथि पूरी होने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है, तो इसी के अनुसार पारण करें।
पारण से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थल पर दीया जलाएं और सप्तऋषियों का स्मरण करें। भगवान को प्रणाम करने के बाद प्रसाद ग्रहण करके व्रत खोलना शुभ माना जाता है।
पारण विधि
व्रत खोलने के लिए सबसे पहले भगवान का प्रसाद लें। इसके बाद पानी पीकर धीरे-धीरे भोजन करें। पूरे दिन या लंबे समय तक उपवास के बाद अचानक बहुत अधिक भोजन करना ठीक नहीं रहता।पारण में हल्का और सात्विक भोजन रखा जा सकता है। फल, दूध, दही, खिचड़ी या घर का बना सामान्य भोजन लिया जा सकता है। भोजन अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही करें।
पारण के दिन किन बातों का ध्यान रखें?
व्रत खोलते समय बहुत तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन करने से बचें। अगर उपवास के दौरान कमजोरी या चक्कर जैसी परेशानी हुई है, तो शरीर की जरूरत को प्राथमिकता दें और पर्याप्त पानी लें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार पारण केवल भोजन करने की प्रक्रिया नहीं है। इसे व्रत के संकल्प की पूर्णता से भी जोड़ा जाता है। इसलिए भोजन से पहले ईश्वर को धन्यवाद देना और अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या दक्षिणा का दान करना भी किया जा सकता है।
