Swami RamKrishna Paramhans: स्वामी राम कृष्ण परमहंस के जीवन की घटना, जब रानी के गाल तक पर जड़ दिया था थप्पड़

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 30, 2022, 10:13 AM IST

मां काली के परम भक्त थे स्वामी रामकृष्ण परमहंस। कहते हैं कि मां काली से वो बात किया करते थे। बहुत बार मां− मां कहके वो रोने लगते थे और अपनी सुध बुध खाे देते थे। रानी रासमणि उनसे भजन सुनते में किसी और बात की चिंता में ध्यान देने लगी थीं। इसी बात पर क्रोधित हुए थे स्वामी रामकृष्ण।

KEY HIGHLIGHTS
  • मां काली के परम भक्त थे स्वामी रामकृष्ण परमहंस
  • माता की भक्ति में भूल जाते थे अपना अस्तित्व भी
  • रानी रासमणि ने कराया था दक्षिणेश्वर काली मंदिर का निर्माण

Swami RamKrishna Paramhans: स्वामी रामकृष्ण परमहंस को कौन नहीं जानता। मां काली का न उनके जैसा भक्त कोइ हुआ है न ही होगा। उनकी भक्ति की पराकाष्ठा के किस्से तो बहुत से सुने गए हैं। बंगाल के इस महान संत के भक्तिमय जीवन का एक किस्सा एेसा भी है जो कुछ कम ही प्रकाश में आया। कलकत्ता के जान बाजार निवासी रानी रासमणि ने दक्षिणेश्वर में काली मंदिर बनवाया था। उस मंदिर में सेवा का कार्य स्वामी रामकृष्ण परमहंस ही देखते थे। रानी रासमणि स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भक्तिमय सेवा देखकर उनके प्रति मन में सम्मान भी रखती थीं लेकिन इस बाद एेसा कुछ हुआ कि स्वामी रामकृष्ण ने रानी रासमणि पर हाथ उठा दिया था।

swami ramkrishna paramhans.

मां काली के परमभक्त स्वामी रामकृष्ण परमहंस।

जब परमहंस ने रानी को जड़ा थप्पड़

स्वामी रामकृष्ण परमहंस की अवस्था भक्ति और साधना की अधिकता से कुछ दिनों केलिए उन्मत्त की तरह हो गयी थी और वे काली की पूजा विधिवत न करके मनमाने ढंग से करते थे। इसलिए पूजा कार्य उनके भांजे हृदयानंद को सौंप दिया गया। स्वामी रामकृष्ण जब कभी मन में आता तो मंदिर में जाकर जैसे चाहते स्वतंत्र रूप से पूजा किया करते। एक दिन पूजा करने गए तो देवी के लिए जो फूल मालाएं रखी गयी थीं उनको ही अपने गले में पहन लियाऔर चंदन भी अपने शरीर पर लेप लिया, फिर समाधि में बैठ गए। मंदिद के अन्य कर्मचारी बहुत असंतुष्ट हुए और उनको मंदिर में जाने से रोकने की योजना करने लगे।

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