Gauri Shankar Rudraksha: विदेश जाने में आ रही है बाधा, तो धारण करें गौरीशंकर रुद्राक्ष

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 2, 2023, 06:15 AM IST

Rudraksha: त्रिपुरासुर का वध करते समय रुद्रावतार धारण किए भगवान शंकर की आंखाें से बहने वाला जल रुद्राक्ष के रूप में पृथ्वी पर साकार हुआ था। बहुत मुश्किल से मिलता है गौरी शंकर रुद्राक्ष लेकिन किस्मत चमका देता है जब मिलता है। जानिए गौरीशंकर रुद्राक्ष से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें।

KEY HIGHLIGHTS
  • बहुत मुश्किल से प्राप्त होता है गौरी शंकर रुद्राक्ष
  • सोमवार को पुष्य नक्षत्र में धारण करें गौरी शंकर रुद्राक्ष
  • गले में सोने की चैन में गौरी शंकर रुद्राक्ष पहनें

Benefits of Gauri Shankar Rudraksha: यूं तो रुद्राक्ष एक वनस्पति है। इसके पेड़ पर बेर जैसे फल लगते हैं। कहा जाता है कि त्रिपुरासुर का वध करते समय रुद्रावतार धारण किए भगवान शंकर की आंखाें से बहने वाला जल रुद्राक्ष के रूप में धरती पर साकार हुआ था। रुद्राक्ष में शक्ति और औषधि गुण प्रयोगशाला में जांच के बाद सिद्ध भी हो चुके हैं। रुद्राक्ष के सात्विक गुणाें के कारण धारण करने वाले के साथ ही उसके आसपास का वातावरण भी शुद्ध होता है।

Rudraksha

विदेश जाने के लिए रुद्राक्ष

एक से लेकर 35 मुंह वाले तक रुद्राक्ष उपलब्ध हैं, जोकि विविध कार्यसिद्धि के लिए उपयोग में लाए जाते हैं। लेकिन गौरी शंकर नामक संयुक्त रुद्राक्ष बहुत कम प्राप्त होता है। वो भी यदि पुराना मिल जाए तो जैसे आपसे ज्यादा अन्य भाग्यशाली नहीं होगा। गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करने से विदेश जाने के रास्ते खुल जाते हैं।

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