Ravi Pradosh Vrat Katha In Hindi: आज है रवि प्रदोष व्रत, पूजा के समय जरूर पढ़ें ये व्रत कथा

Ravi Pradosh Vrat Katha In Hindi: आज 9 फरवरी 2025 को रवि प्रदोष व्रत है। ये व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करके व्रत कथा पढ़ी जाती है। यहां देखें रवि प्रदोष व्रत की पावन कथा।

Ravi Pradosh Vrat Katha In Hindi (रवि प्रदोष व्रत कथा): एक गांव में अति दीन ब्राह्मण निवास करता था। जिसकी पत्नी प्रदोष व्रत किया करती थी। उसका एक पुत्र भी था। एक समय जब उसका पुत्र गंगा स्नान करने के लिए गया तो रास्ते में चोरों ने उसे घेर लिया और चोर कहने लगे कि हम तुम्हें मारेंगे नहीं बस तुम अपने पिता के गुप्त धन के बारे में हमें जानकारी दे दो। बालक दीनभाव से कहने लगा हे बंधुओं! हम अत्यंत दु:खी दीन हैं। हमारे पास धन कहां से आयेगा? तब चोरों ने कहा कि तूने इस पोटली में क्या रखा है? बालक ने नि:संकोच कहा कि इस पोटली में मेरी मां द्वारा दी गई रोटियां हैं। यह सुनकर चोर चले गए।

Ravi Pradosh Vrat Katha In Hindi

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फिर बालक चलते-चलते एक नगर में पहुंचा। नगर में एक बरगद का पेड़ था क्योंकि बालक बहुत थक गया था तो वो उसके नीचे जाकर सो गया। तभी वहां उस नगर के सिपाही चोरों को खोजते हुए पहुंचे और उन्होंने बालक को चोर समझकर उसे बंदी बनाकर राजा के पास ले गए। जिसके बाद राजा ने उसे कारावास में बंद कर दिया। जब लड़का घर नहीं लौटा तो उसके माता-पिता को चिंता होने लगी। अगले दिन प्रदोष व्रत था। ब्राह्मणी ने विधि विधान प्रदोष व्रत किया और भगवान शंकर से अपने पुत्र की कुशलता की प्रार्थना की।

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