Ratanti Kali Puja 2026: क्यों खास है रटन्ती काली पूजा, जानिए क्या है इस पूजा के लाभ?

Ratanti Kali Puja 2026:माघ माह की चतुर्दशी तिथि को रटन्तीकाली पूजा होती है। इस दिन मां काली के लिए इस स्वरूप की पूजा बेहद ही फलदायी मानी जाती है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने रटन्तीकाली पूजा की सुबह स्वर्ग से देवताओं को आते हुए देखा था। बंगाल और ओडिशा में लोग सुख और दांपत्य जीवन में खुशी व नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए मां की पूजा करते हैं।

Ratanti Kali Puja 2026: सनातन धर्म में मां काली की आराधना का विशेष महत्व है। वर्ष भर अलग-अलग तिथियों पर मां काली के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन्हीं में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण पूजा है रटन्तीकाली पूजा, जो माघ मास की चतुर्दशी तिथि को की जाती है। मान्यता है कि इस तिथि पर श्रद्धा और निष्ठा से मां काली की उपासना करने से वे अपने भक्तों की पुकार अवश्य सुनती हैं। इसी कारण इस दिन कई मंदिरों के साथ-साथ अनेक घरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

रटन्ती काली पूजा क्या है

रटन्ती काली पूजा क्या है

रटन्तीकाली पूजा हिंदू धर्म की एक प्राचीन और रहस्यमयी पूजा है, जो मुख्य रूप से बंगाल, बिहार, ओडिशा और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में बड़े उत्साह से मनाई जाती है। यह मां काली की उपासना का विशेष रूप है, जो सामान्य काली पूजा से अलग होती है। जहां ज्यादातर काली पूजा अमावस्या पर होती है, वहीं रटन्तीकाली पूजा कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर की जाती है। 2026 में यह पूजा जनवरी में मनाई जाएगी, और यह पितरों की शांति, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बहुत प्रभावशाली मानी जाती है।

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