Mahakal Temple In Ujjain: रंगपंचमी का उल्लास सुबह से ही महाकाल मंदिर में दिखाई दे रहा है। पंडितो, पुजारियों और भक्तों को रंगों में सराबोर देखा गया। गर्भगृह से नंदी हॉल तक रंग उड़ाया गया। सबसे पहले भगवान महाकाल को टेसू से बना रंग लगाया गया। भस्मारती के समय भक्तों पर रंग गुलाल से वर्षा की गई। बता दें रंगपंचमी के लिए शनिवार को ही पुजारियों ने तीन क्विंटल टेसू के फूलों से प्राकृतिक रंग तैयार किया था।
महाकाल के आंगन में सुबह से छाया रंगपंचमी का उल्लास
महाकाल के प्रांगण में रंगपंचमी पर्व के बाद शहर भर मे रंगोत्सव की शुरुआत हो गई है। इधर रंग-तरंग की मस्ती में युवा रंग व गुलाल से होली खेलते नजर आए। शहर के हर मोहल्ले में लोग एक दूसरे को रंग लगाकर रंगपंचमी का त्योहार मना रहे हैं। इस बार रंगपंचमी पर लोगों का उत्साह देखने लायक है। शाम को महाकाल मंदिर, सिंहपुरी, कार्तिक चौक और भागसीपुरा से पारंपरिक गेर निकाली जाएगी।
भक्त बैंड बाजा और ढोल की थाप के साथ बहादुरी और जीत का प्रतीक ध्वज लेकर निकलेंगे। मान्यता है कि इस दिन सभी देवी देवता होली खेलने के लिए धरती लोक पर वास करते हैं। इस दिन विधि विधान से अपने आराध्य देव की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। तथा जीवन में आने वाले सभी कष्टों का निवारण होता है।
भोपाल और इंदौर में रंग पंचमी की धूम
बता दें मध्यप्रदेस के इंदौर और भोपाल में रंग पंचमी के शुभ अवसर पर एक अलग ही धूम देखने को मिल रही है। यहां होली के मौके पर सभी देवी देवताओं की झांकी निकाली जाती है। दूर-दूर से श्रद्धालु इसमें शामिल होने के लिए आते हैं। उज्जैन महाकाल में इस बार गेर परंपरा शुरू की गई है।
