Bhaye Pragat Kripala Din Dayala Lyrics (भए प्रगट कृपाला दीनदयाला): राम नवमी के शुभ अवसर पर जरूर पढ़ी जाती है भगवान राम की ये स्तुति

Ram Stuti- Bhaye Pragat Kripala Din Dayala Lyrics (भए प्रगट कृपाला दीनदयाला): 'भए प्रगट कृपाला, दीन दयाला स्तुति' जो रामचरितमानस के बालकांड में है ये विशेष रूप से राम नवमी के अवसर पर पढ़ी जाती है। इस स्तुति को पढ़ने के लिए सुबह का समय बेहद शुभ माना जाता है। यहां आप देखेंगे इस राम स्तुति के लिरिक्स।

Bhaye Pragat Kripala Din Dayala Lyrics (भए प्रगट कृपाला दीनदयाला): श्री रामअवतार स्तुति, भगवान श्री रामचंद्र के धरती पर आगमन की एक सुंदर अनुभूति कराती है। ये स्तुति नवजात शिशु बधाई, सोहर, जन्मदिन जैसे अवसरों पर विशेष रूप से गाई जाती है। इस स्तुति को सुनने मात्र से ही प्रभु श्रीराम के भक्तों के सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। 6 अप्रैल को राम नवमी के शुभ अवसर पर भी ये स्तुति जरूर पढ़नी चाहिए।

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Bhaye Pragat Kripala Din Dayala Lyrics (भए प्रगट कृपाला दीनदयाला)

Bhaye Pragat Kripala Din Dayala Lyrics (भए प्रगट कृपाला दीनदयाला)

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,

कौसल्या हितकारी ।

हरषित महतारी, मुनि मन हारी,

अद्भुत रूप बिचारी ॥

लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा,

निज आयुध भुजचारी ।

भूषन बनमाला, नयन बिसाला,

सोभासिंधु खरारी ॥

कह दुइ कर जोरी, अस्तुति तोरी,

केहि बिधि करूं अनंता ।

माया गुन ग्यानातीत अमाना,

वेद पुरान भनंता ॥

करुना सुख सागर, सब गुन आगर,

जेहि गावहिं श्रुति संता ।

सो मम हित लागी, जन अनुरागी,

भयउ प्रगट श्रीकंता ॥

ब्रह्मांड निकाया, निर्मित माया,

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