Ram Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi, Shri Ram Chandra Krupalu Bhaju Man Aarti: आज राम नवमी का त्योहार है। ये पर्व हर साल चैत्र महानवमी के दिन मनाया जाता है। मान्यता अनुसार इस दिन ही भगवान राम का जन्म हुआ था। इसलिए इस पर्व को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। सनातन धर्म में ये त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम की पूजा और आराधना की जाती है। पूजा के बाद भगवान राम की आरती अवश्य करनी चाहिए है। कहते हैं आरती के बिना पूजा अधूरी होती है। रामनवमी के दिन विधिवत पूजा और आरती करने से भगवान श्री राम की कृपा बरसती है। साथ ही जीवन खुशहाली आती है। यहां है राम नवमी पर श्री राम जी की आरती के हिंदी में - श्री राम चंद्र कृपालु भजु मन लिरिक्स हिंदी में।
Ram ji ki arti in hindi : राम जी की आरती हिंदी में
Ram Ji Ki Aarti Lyrics, राम जी की आरती के लिरिक्स in Hindi
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।
बता दें कि भगवान राम की आरती के बिना पूजा को संपूर्ण नहीं माना जाता। ऐसी मान्यता है कि आरती करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
