Vastu Tips : अक्सर आपने बहुत से घरों या दफ्तरों में देखा होगा विशेष तरह की तिकाेनी आकृति रखी होती है। पहाड़नुमा तिकाेनी आकृति को ही पिरामिड कहते हैं। सनातन धर्म में पिरामिड को चमत्कारी ऊर्जा प्रदान करने वाला बताया गया है।
पिरामिड दूर करता है वास्तु दोष
पिरामिड ब्रह्मांड में से नकारात्मक अंशाें को समाप्त करके सकारात्मक अंशों की उत्पत्ति करते हैं। यह नकारात्मक अंशों को ही सकारात्मक अंशाें में परिवर्तित कर देते हैं और परिवर्तन अणु की गति से होता है, जिसका सहज ही अंदाजा आम आदमी नहीं लगा सकता है। यह सकारात्मक अंशाें को अणु की भांति विस्फोटक गति से उत्पन्न करते हैं।
विदेशियों ने लिया अधिक लाभ
पिरामिड का उल्लेख पुराने ग्रंथाें में है लेकिन सनातन धर्म के अधिकतर ग्रंथ विदेशी आक्रमणकारियों ने या तो जला दिये या नष्ट कर दिये या लूटकर अपने साथ ले गए। इसलिए पिरामिडों से लाभ विदेशियों ने ही ज्यादा उठाया है। विदेशाें में मरने के पश्चात शव पर विभिन्न द्रवों का लेप करके पिरामिडों में रखने का उल्लेख मिलता है। इससे यह शव जिन्हें वह लोग ममी के नाम से पुकारते हैं, सैकड़ों हजारों साल भी बाद उसी रूप में सुरक्षित पाये जाते हैं। यह सब उन पिरामिडों की देन है।
पिरामिड का महत्व फिर समझ रहे लोग
वैज्ञानिक, डॉक्टर विशेषज्ञ पिरामिड का महत्व अब अच्छी तरह से समझने लगे हैं। घर में रखने से दूषित प्रभाव नष्ट होकर अच्छे एवं स्वच्छ परिणाम मिलते हैं। जिससे जीवनदायी ऊर्जा का तेजी से निर्माण होता है। जीवन में नवीन उत्साह का संचार होता है। बीमार व्यक्ति के पास यदि पिरामिड रख दिया जाए तो उत्साहवान परिणाम प्राप्त होते हैं। पिरामिड घर के सभी प्राणियों को लाभ पहुंचाता है। फिर चाहे वो बच्चों का विद्या अध्ययन हो या पारिवारिक क्लेश। पिरामिड परिवार पर आने वाली मुसीबतों को दूर करते हें।
पिरामिड करते हैं घर को वास्तुदोष से मुक्त
पिरामिड घर, दुकान या कार्यालय को वास्तु दोष से मुक्त करते हैं। क्योंकि हर व्यक्ति का निवास स्थान या कार्य स्थान वास्तुशास्त्र के अनुसार नहीं बना होता। पिरामिड वास्तु के विपरीत स्थित से होने वाले दुष्प्रभावों को रोकने में मदद करते हैं। यदि घर का निर्माण वास्तु के अनुसार नहीं हुआ है तो घर की चारों दिशाओं में पिरामिड रख देने चाहिए। इसके अलावा भी कहीं यदि स्थान दिख रहा है तो वहां भी रख सकते हैं। यदि किसी परिसर का नव निर्माण हो रहा है तो 11 पिरामिड उसकी नींव में रखवा देने चाहिए, जिससे यह अंदर ही अंदर वास्तु दोषाें का नाश कर दें।
कैसे हो पिरामिड
पिरामिड स्फटिक, लाल हल्के रंग के पत्थर या अष्ट धातु के अधिक लाभकारी होते हैं। ये हर तरह के साइज में आसानी से मिल जाते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
