Putrada Ekadashi Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरी है पुत्रदा एकादशी का व्रत, संतान प्राप्ति के लिए जरूर करें पाठ

Putrada Ekadashi Vrat Katha: ऐसी मान्‍यता है कि यदि संतान सुख से वंचित दंपती पुत्रदा एकादशी के व्रत को करते हैं और विधि विधान से पूजा करने के बाद व्रत की कथा का पाठ करते हैं तो व्रत का संपूर्ण फल मिलता है और जल्द ही उनके घर में खुशखबरी आती है। यहां से आप पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा विस्‍तार से पढ़ सकते हैं।

Putrada Ekadashi Vrat Katha: एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा, 'हे नाथ! लोक कल्याणकारी पौष शुक्ल एकादशी का नाम, महत्व कथा एवं पूजन विधि क्या है।' तब श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को सुनाया पुत्रदा एकादशी व्रत माहात्म्य की कथा सुनाई।

पुत्रदा एकादशी व्रत कथा (photo source: iStock)

कन्हैया ने उत्तर देते हुये बताया 'हे पाण्डु पुत्र धर्मराज युधिष्ठिर, पौष शुक्ल एकादशी का नाम पुत्रदा एकादशी है, समस्त संसार में इस व्रत जितना पुण्यफलदायी व्रत दूसरा नहीं है, इसके व्रत से व्यक्ति लक्ष्मीवान, विद्वान एवं तपस्वी होता है। इस एकादशी की उत्पत्ति की कथा अब सुनाता हूं।'

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