Pradosh Vrat August 2023 Date And Time: अधिकमास का दूसरा प्रदोष व्रत 13 अगस्त दिन रविवार को पड़ेगा। इस दिन त्रयोदशी तिथि सुबह 8 बजकर 19 मिनट से लग जाएगी जिसकी समाप्ति अगले दिन यानि शिवरात्रि (Sawan Adhik Maas Shivratri 2023) की सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर होगी। पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार सावन में प्रदोष व्रत का दिन रुद्राभिषेक (Sawan Me Rudrabhishek Kis Din Karaye) कराने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में आप बिना संकोच के इस दिन शिवलिंग का अभिषेक (Shivling Ka Abhishek) कर सकते हैं। ज्योतिष जानकारों अनुसार शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का सबसे रामबाण उपाय है रुद्राभिषेक। जानिए प्रदोष व्रत के दिन शिव का रुद्राभिषेक कैसे और किस मुहूर्त में करें।
August Pradosh Vrat 2023 Date, Rudrabhishek Samagri And Vidhi
13 अगस्त प्रदोष व्रत के दिन रुद्राभिषेक करने का सबसे शुभ मुहूर्त
पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार प्रदोष व्रत का पूरा दिन शुभ माना जाता है। इस दिन आप अपनी इच्छानुसार किसी भी समय रुद्राभिषेक करा सकते हैं। लेकिन अगर रुद्राभिषेक कराने के सबसे उत्तम समय की बात करें तो वो अभिजित मुहूर्त है। 13 अगस्त को ये मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से 1 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आप अगर इस मुहूर्त में रुद्राभिषेक शुरू करते हैं तो इसका आपको कई गुना अधिक लाभ प्राप्त होगा।
रुद्राभिषेक सामग्री लिस्ट (Rudrabhishek Samagri List)
- शुद्ध जल
- गाय का घी
- दूध
- दही
- शहद
- गुलाब जल
- पान, सुपारी
- नारियल
- श्रृंगी
- बिल्वपत्र
- मेवा
- मिठाई
- गन्ने का रस
- अनार का रस
- कपूर
- दीपक, बत्ती
- अगरबत्ती, धुप
- मौली
- भांग, धतूरा
किस चीज से कराएं रुद्राभिषेक
| मनोकामना | रुद्राभिषेक |
| धन की प्राप्ति के लिए | गन्ने के रस से शिवजी का रुद्राभिषेक करें |
| मोक्ष प्राप्ति के लिए | तीर्थ से जल लाकर रुद्राभिषेक करें |
| संतान प्राप्ति के लिए | दूध से रुद्राभिषेक करें |
| नौकरी में सफलता के लिए | सरसों के तेल से रुद्राभिषेक करें |
| ज्वर की समस्या से मुक्ति के लिए | गंगाजल से अभिषेक करें |
| भवन या वाहन खरीदने के लिए | दही से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें |
| धन में वृद्धि के लिए | शहद और घी से रुद्राभिषेक करें |
| बीमारी से मुक्ति के लिए | जल में इत्र मिलाकर रुद्राभिषेक करें |
| पापों से मुक्ति के लिए | शहद से रुद्राभिषेक करें |
| उत्तम स्वास्थ्य के लिए | गाय के दूध या शुद्ध घी से रुद्राभिषेक करें |
| बुद्धि के विकास के लिए | दूध में शक्कर मिलाकर रुद्राभिषेक करें |
| बिजनेस में सफलता के लिए | जल से रुद्राभिषेक करें |
| बैंक बैलेंस बढ़ाने के लिए | शहद और घी से रुद्राभिषेक करें |
| असाध्य रोग से मुक्ति के लिए | दूध से रुद्राभिषेक करें |
| शत्रुओं से मुक्ति के लिए | सरसों के तेल से रुद्राभिषेक कराएं |
रुद्राभिषेक पूजा की विधि (Rudrabhishek Puja Vidhi)
शिवलिंग पर जलाभिषेक शुरू करने से पहले भगवान गणेश की पूजा करें। भगवान गणेश को तिलक, चावल, फूल, नैवेद्य, दूर्वा और दक्षिणा अर्पित करें। इसके बाद अन्य देवताओं और नवग्रह की पूजा करें। फिर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।उन्हें तिलक आदि लगाएं। बिल्वपत्र पर चन्दन से ॐ या राम का नाम लिख लें। फिर स्टेप बाय स्टेप ऐसे रुद्राभिषेक पूजा करें...
- भगवान शिव के रुद्राभिषेक के लिए जल में गंगाजल, भांग, दूध, गन्ने का रस आदि मिला लें |
- रुद्राभिषेक के समय आचार्य रुद्री का पाठ करते हैं।
- फिर आप श्रृंगी के द्वारा धीरे-धीरे शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
- आप चाहे तो अपनी इच्छा के अनुसार गन्न के रस, दूध, दही, शहद या सरसों के तेल से भी शिव का अभिषेक कर सकते हैं।
- जल चढाने के दौरान रुद्रास्टाध्यायी का निरंतर पाठ किया जाता है या फिर ॐ नमः शिवायः का जाप करते रहें।
- रुद्राभिषेक पूरा होने के बाद शिव की आरती करें।
- फिर रुद्राभिषेक के जल को पुरे घर में छिड़कें। इससे वास्तु दोष भी खत्म हो जाता है।
- भगवान शिव को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाएं।
रुद्राभिषेक पूजा के फायदे (Benefits of Rudrabhishek Puja)
रुद्राभिषेक पूजा करने से घर से नकारात्मकता दूर होती है। पिछले जन्म के भी पातक पाप नष्ट हो जाते हैं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। भगवान रूद्र में सभी देवताओं का वास होता है इसलिए रुद्राभिषेक करने से सभी देवता प्रसन्न होते हैं। यदि श्रावण के महीने में रुद्राभिषेक करते हैं तो सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
