Phulera Dooj Katha in Hindi: राधा कृष्ण के प्यार का प्रतीक है फुलेरा दूज, यहां पढ़े फुलेरा दूज की कथा

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Feb 21, 2023, 06:53 AM IST

Phulera Dooj 2023 Vrat Katha: फुलेरा दूज का पावन पर्व राधा-कृष्ण को समर्पित है। कहते हैं इस दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से राधा माता और भगवान कृष्ण की पूजा करता है उसकी लव लाइफ में आ रही सभी टेंशन दूर हो जाती हैं।

Phulera Dooj Katha in Hindi: फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस त्योहर का बहुत महत्व है। फुलेरा दूज राधा कृष्ण के प्यार का प्रतीक है । मान्यता है कि इस दिन राधा और कृष्ण का विवाह भी हुआ था साथ ही फुलेरा दूज पर बृज में फूलों की होली खेली जाती है। जिसका आनंद लेने दूर दूर से भक्त आते हैं। फुलेरा दूज पर भगवान राधाकृष्ण की पूजा करने का विधान है। फुलेरा दूज पर राधाकृष्ण के दर्शन करने और पूजा करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में मधुरता आती है। इस बार फुलेरा दूज 21 फरवरी मंगलवार को मनाई जाएगी। फुलेरा दूज मनाने के पीछे एक दिलचस्प कहानी भी जुड़ी हुई है। यह कथा राधाकृष्ण के प्यार का प्रतीक है। जानते हैं फुलेरा दूज की कथा।

phulera dooj katha

फुलेरा दूज व्रत कथा

फुलेरा दूज व्रत कथा (Phulera Dooj Katha in Hindi)

फुलेरा दूज की पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान कृष्ण राधा जी से बहुत दिनों तक नहीं मिले जिसके कारण राधा जी उदास रहने लगी उनके उदास होते ही वृंदावन के सारे फूल मुरझा गए। पेड़ सूखने लगे डालिया टूटने लगी राधा जी की उदासी देखकर पक्षियों ने पहचाना बंद कर दिया नदी की धारा स्थिर रह गई और वृंदावन में भी उदासी छाने लगी। भगवान कृष्ण से मिलने की वजह से राधा जी उदास रहने लगी जिसे देखकर गोपियां भी बहुत उदास रहती थी। राधा जी बस भगवान कृष्ण के दर्शन की आस लगाए बैठी रहती थी वह न तो कुछ खाती और न ही जल पीती थी।

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