Papmochani Ekadashi 2023 Vrat Katha: पापमोचिनी एकादशी की व्रत कथा हिंदी में यहां पढ़ें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 18, 2023, 06:37 AM IST

Papmochani Ekadashi 2023 Vrat Katha In Hindi: चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ये एकादशी इस बार 18 मार्च को पड़ी है। इस एकदाशी व्रत में भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। साथ ही एकादशी व्रत कथा को जरूर पढ़ें। जानिए पापमोचिनी एकादशी व्रत कथा।

Papmochani Ekadashi 2023 Vrat Katha In Hindi: पापों का नाश करने वाली पामोचिनी एकादशी का हिंदू धर्म में खास महत्व माना जाता है। कहते हैं जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु को याद करता है उसे उसके सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और मरने के बाद बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। बता दें भगवान विष्णु जिस लोक में निवास करते हैं उसे बैकुण्ठ कहा जाता है। ये एकादशी चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) से पहले पड़ती है। बता दें इस साल ये नवरात्रि 22 मार्च से शुरू हो रही हैं। जानिए पापमोचिनी एकादशी की व्रत कथा।

Papmochani Ekadashi 2023 Vrat Katha

पापमोचिनी एकादशी व्रत कथा

पापमोचिनी एकादशी की व्रत कथा (Papmochani Ekadashi Vrat Katha)

प्राचीनकाल में चैत्ररथ नाम का एक वन था। इस वन में देवराज इन्द्र गंधर्व कन्याओं तथा देवताओं सहित स्वच्छंद विहार करते थे। वहां हमेशा वसन्त का मौसम ही रहता था और वर्ष भर तरह-तरह के पुष्प खिले रहते थे। उस वन में कभी गन्धर्व कन्याएं घूमती थीं तो कभी अन्य देवताओं के साथ देवेन्द्र क्रीड़ा किया करते थे।

End of Feed