Basant Panchami (Saraswati Puja) 2023 Speech And Essay: बसंत पंचमी का त्योहार पूरे भारत में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल ये पावन पर्व 26 जनवरी को यानी गणतंत्र दिवस वाले दिन पड़ा है। बता दें ये त्योहार हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन ज्ञान, बुद्धि, भाषा और कला की देवी मां सरस्वती की अराधना की जाती है। लोग इस दिन मां सरस्वती से अच्छी सेहत और सौभाग्य की कामना करते हैं। इस खास मौके पर जानिए मां सरस्वती के बारे में रोचक बातें।
Basant Panchami 2023: बसंत पंचमी पर जानिए मां सरस्वती के बारे में दिलचस्प बातें।
1. माता सरस्वती को पीला और सफेद रंग बेहद प्रिय होता है। इसलिए उन्हें हमेशा सफेद या पीले रंग की साड़ी में ही दर्शाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सफेद रंग पवित्रता और पीला रंग सकारात्मकता को दर्शाता है। इसलिए ये दोनों ही रंग बेहद शुभ माने गए हैं।
2. माता सरस्वती के वाहन के तौर पर कई जगहों पर हंस को भी दर्शाया जाता है जो सही और गलत के अंतर को दर्शाता है। इनका वाहन हंस होने के कारण ही इन्हें हंसवाहिनी भी कहा जाता है।
3. देवी सरस्वती को सुंदरता का प्रतीक माना जाता है। इनका एक वाहन मोर भी है जो सुंदरता और नृत्य को दर्शाता है। साथ ही मोर हमें सिखाता है कि हमें अपनी बाहरी सुंदरता पर ज्यादा ध्यान न देकर सत्य को मानना चाहिए।
4. देवी सरस्वती को सफेद और हल्के गुलाबी रंग के कमल के फूल पर बैठे भी दर्शाया जाता है। ये कमल का फूल सर्वोच्च ज्ञान, पवित्रता और नकारात्मकता से दूरी बनाने का प्रतीक होता है।
5. माता सरस्वती के हाथों में वीणा होती है जो बुद्धि और सद्भाव का प्रतीक मानी जाती है। देवी सरस्वती के हाथों में वेद और वीणा संगीत, नृत्य और कला के प्रति उनके प्रेम को भी दर्शाता है।
