Nirjala Ekadashi Aarti in Hindi: ॐ जय एकादशी माता.. निर्जला एकादशी की आरती हिंदी में, देखें एकादशी माता की आरती के लिरिक्स

  • Authored by: आदित्य सिंह
  • Updated May 31, 2023, 08:45 AM IST

Nirjala Ekadashi Ki Aarti Lyrics, Om Jai Ekadashi Mata Aarti In Hindi (एकादशी माता की आरती): सालभर में कुल 24 एकादशी आती हैं, जिसमें ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन निर्लजला व्रत कर विधि विधान से श्रीहरि भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से जीवन में आने वाले सभी विघ्न बाधाओं का अंत होता है। तथा भगवान विष्णु की आऱती व व्रत कथा का पाठ करने से धरती लोक पर समस्त सुखों को भोगने के बाद परम पुण्य, परम लोक और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Nirjala Ekadashi Ki Aarti Lyrics, Om Jai Ekadashi Mata Aarti In Hindi: आज निर्जला एकादशी का व्रत है। सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व है, इसे भीमसेन एकादशी के नाम से भी जाना (Nirjala Ekadashi Vrat Aarti) जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी के कहते हैं। इस बार निर्जला एकादशी आज यानी 31 मई 2023, बुधवार को है। एकादशी तिथि 30 मई 2023, मंगलवार को दोपहर 01 बजकर 09 मिनट से प्रारंभ होकर 31 मई, बुधवार को दोपहर 01:47 मिनट पर समाप्त होने जा रही है। व्रत का पारण कल यानी 1 जून को सुबह 05:23 से 8:09 पर किया जाएगा।

​Nirjala Ekadashi Ki Aarti Lyrics In Hindi

Nirjala Ekadashi Ki Aarti Lyrics In Hindi: निर्जला एकादशी आरती लिरिक्स इन हिंदी

मान्यता है कि इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने व किसी गरीब व जरूरतमंद व्यक्ति को दान आदि करने से जाने अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति (Nirjala Ekadashi Aarti) मिलती है। साथ ही विधि विधान से श्रीहरि भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से जीवन में आने वाले सभी कष्टों का निवारण होता है और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। लेकिन ध्यान रहे इस दिन बिना व्रत कथा व भगवान विष्णु की आरती के पूजा को संपूर्ण नहीं (Nirjala Ekadashi Ki Aarti) माना जाता है। पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु की आरती व कथा का पाठ करने से धरती लोक पर समस्त सुखों को भोगने के बाद मनुष्य को वैकुण्ठ लोक की प्राप्ति होती है और भक्तों पर सदैव भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है।

End of Feed